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अनामिका प्रकरण: नई बस्ती में चंदन बोस के घर रहता था पुष्पेंद्र, मकान मालिक ने मास्टरमाइंड के बारे में बताई ये बात

Thu, 18 Jun 2020 12:02 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 18 Jun 2020 12:02 AM IST
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Anamika Shukla case: Pushpendra used to live in Chandan Bose house in farrukhabad
मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र - फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद जिले में अनामिका शुक्ला प्रकरण के मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र के नगर के मोहल्ला नई बस्ती में किराये के कमरे पर रहने की बात सामने आई है। पता चला है कि वह यहां चंदन बोस के घर रहता था। मकान मालिक के अनुसार वह 20 दिन पहले ही घर छोड़कर चला गया।
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उसके साथी शिक्षक भी उसके कमरे का पता नहीं बता पा रहे थे। गांव रजपालपुर की सुप्रिया को डेढ़ लाख रुपये लेकर कासगंज के बा  विद्यालय में नौकरी दिलाने वाला मैनपुरी जनपद के भोगांव थाना क्षेत्र के गांव नगला खरा निवासी पुष्पेंद्र ही था। वह 2014 से कंपिल क्षेत्र के गांव कुंवरपुर खास के प्राथमिक विद्यालय में सहायक पद पर तैनात था।
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वह खुद भी छह वर्ष से सुशील कुमार कौशल के अभिलेखों से नौकरी कर रहा था। वर्षों तक अपना असली नाम छिपाता रहा और शिक्षा विभाग में किसी को कभी भनक तक नहीं लगी। वह बीआरसी पर भी आता था और स्कूल व बीआरसी के कार्यक्रमों में भाग लेता था।
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बताया गया कि वह सोशल मीडिया व कार्यक्रम की फोटोग्राफी से दूर रहता था। इसीलिए विभाग व साथी शिक्षकों के पास उसकी कोई फोटो नहीं है। नई बस्ती के लोग भी उसके बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं। नई बस्ती में रह रहे सभासद आशिफ मंसूूरी ने बताया कि मोहल्ले के लोग पुष्पेंद्र के बारे में नहीं बता पा रहे हैं। देर रात पता चला कि वह मोहल्ले के चंदन बोस के घर पर किराये पर रहता था और बीस दिन पहले ही घर छोड़कर चला गया।


आखिर कौन है सुशील कुमार कौशल
मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र कुंवरपुर खास विद्यालय में सुशील कुमार कौशल के नाम से तैनात था। जाहिर है वह फर्जी डिग्री से नौकरी कर रहा था। अनामिका नाम की महिला तो गोंडा में सामने आ गई, लेकिन सुशील कुमार कौशल का अभी तक नहीं चला है। सवाल यह भी है कि जब सुशील के इतने अच्छे अंक थे तो उसने खुद नौकरी क्यों नहीं की। यह प्रमाण पत्र पुष्पेंद्र को कहां से मिले इस पर अभी भी पर्दा पड़ा है। इसी प्रकार विभव नाम से उसका भाई जसवंत भी कन्नौज में नौकरी कर रहा था। असली विभव का भी अभी कोई पता नहीं है।
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