पुलिस भर्ती परीक्षा में गजब चौकसी: हाथ से कलावा और कान की बाली भी उतरवाईं, सघन तलाशी के बाद मिला प्रवेश
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पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन भी गजब की चौकसी बरती गई। अभ्यर्थियों के पास मिले सिक्के, कान की बाली, हाथ के कलावा, काले धागे, घड़ी व रुमाल तक बाहर रखवा दिए गए। कई अभ्यर्थी अपने कमरे की चाबी भी साथ ले गए थे उसे भी बाहर रखाया गया। उधर, प्रशासनिक अफसरों ने जिले के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। सीसीटीवी को चेक किया गया।
पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन परीक्षा केंद्रों में सख्ती रही। प्रयागराज से आए अभ्यर्थियों ने पान की दुकानों आदि में अपने सिक्के व चाबियां देकर प्रवेश पाया। प्रयागराज से आए वीरेंद्र कुमार कान में बाली पहने था। बताया कि बचपन में छेदन संस्कार के समय पहना दी गई थी। खान काह इंटर कॉलेज गेट पर चेकिंग के दौरान पुलिस कर्मियों ने उसे हटा कर आने को कहा। कर्मियों ने मदद से उसकी बाली हटाई गई तब जाकर उसे प्रवेश मिला। चेकिंग के दौरान महिला अभ्यर्थियों के बड़े बालों व जूड़ों को खुलवा कर जांच की गई।
महिला पुलिस कर्मियों ने हेयर बैंड तक हटवा दिए गए। उधर, डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल व एसपी अंकुर अग्रवाल ने खानकाह इंटर कॉलेज व फातमा गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण करते हुए कन्ट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही निगरानी कार्य को देखा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केन्द्र व्यवस्थापक को निगरानी रखने के निर्देश दिए। डीएम ने परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा उनके बायोमैट्रिक उपस्थिति की जानकारी लेते हुए सतर्कता रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्ट्रैटिक मजिस्ट्रेट सम्बन्धित विद्यालयों के प्रधानाचार्य सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
24 पृष्ठ वाले पुलिस भर्ती परीक्षा प्रश्न पत्र में आए 150 प्रश्नों का जवाब 120 मिनट (दो घंटे) में देना था। इसमें भी गलत जवाब देने में आधा अंक कटने का डर समाया रहा। तार्किक क्षमता और गणित के प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को खूब उलझाया। कुछ गणित व निर्णयन यानि डिसीजन मेंकिग वाले प्रश्नों में अभ्यर्थियों को एक-एक प्रश्न में चार से पांच मिनट से भी ज्यादा का समय लगा। नोटबंदी, असहयोग आंदोलन, चंद्रयान व जनगणना से जुड़े प्रश्नों के उत्तर आसान रहे तो हिंदी ने अभ्यर्थियों को खूब राहत दी।
पूनम, अतर्रा चुंगी चौकी ने बताया कि निर्णय वाले प्रश्नों में उलझाव था। जिसके कारण ज्यादा वक्त लगा। गणित के प्रश्नों में भी परेशानी हुई। गलत जवाब देने पर नंबर कटने का भी डर भी रहा। हालाकि प्रश्न पूरे किए हैं। घनश्याम यादव, जमुनीपुर ने बताया कि वह दूसरी बार पुलिस भर्ती परीक्षा दिया है। तार्किक क्षमता वाले प्रश्नों को समझने में वक्त लगा। जो प्रश्न समझ नहीं आया वह छोड़ ही दिया। ऐसे प्रश्नों से नंबर कटवाने का क्या फायदा।
दाहिने हाथ में चढ़ा प्लास्टर तो बाएं हाथ से प्रैक्टिस कर दी परीक्षा
शहर के मर्दन नाका निवासी निशानेबाजी में 17 गोल्ड मेडल हासिल कर चुके जैनुल अंसारी पुलिस भर्ती परीक्षा में आर्य कन्या इंटर कॉलेज परीक्षा देने आए। जैनुल अंसारी का सड़क दुर्घटना में दाहिना हाथ फैक्चर हो गया था। जिस हाथ से पुलिस भर्ती परीक्षा के प्रश्नों को हल करना था उसी में प्लास्टर चढ़ा था तो परिजन ने उसे परीक्षा देने से मना किया था। लेकिन वह हाथ में प्लास्टर चढ़ा परीक्षा केंद्र पहुंंचा और परीक्षा दी।
परीक्षा केंद्र में जैनुल ने बताया कि दाहिने हाथ में प्लास्टर चढ़े होने के कारण लिखना मुश्किल था। परीक्षा में राइटर रखने की भी अनुमति नहीं मिली। लेकिन जैनुल ने हार नहीं मानी। उन्होंने बाएं हाथ से लिखने की पैक्टि्रस की। साथ अपनी निशानेबाजी की प्रतियोगिता जो अगले माह मार्च में होनी है के लिए बाएं हाथ से निशानेबाजी की प्रैक्टि्रस की है। रविवार को आर्य कन्या इंटर कॉलेज में उन्होंने परीक्षा दी। जैनुल का पेपर भी अच्छा गया तो जैनुल अंसारी के चेहरे पर मुस्कान देखते ही बन रही थी। जैनुल अंसारी ने बताया कि अब तक निशानेबाजी में स्टेट लेवल में 17 गोल्ड मेडल हासिल कर चुके हैं। अगले माह होने वाली निशानी बाजी प्रतियोगिता में भाग लेंगे।