अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स: बेटियों को मुफ्त सिखाएंगे कंप्यूटर अकाउंटिंग, ऐसे कराएं पंजीकरण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर में मुस्लिम समुदाय भी बेटियों के सशक्तीकरण और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए आगे आ रहा है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम के मद्देनजर अंजुमन यतीमखाना इस्लामिया इंटरमीडिएट में या इंटर पास कर चुकी बेटियों को एकाउंटेंसी के कंप्यूटर सॉफ्टवेयर टैली का निशुल्क प्रशिक्षण देगा।
इससे बेटियां बिल-वाउचर बनाने समेत विभिन्न बिजनेस कार्य कंप्यूटर पर आसानी से कर सकेंगी। इसके साथ ही उन्हें विशेषज्ञ व्यक्तित्व विकास से संबंधित कुछ गुर सिखाएंगे जिससे अपने पैरों पर खड़ा होने में बेटियों को आसानी हो सकेगी।
निशुल्क प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण पांच जुलाई को कराया जा सकता है। सात जुलाई से कोर्स शुरू हो जाएगा। अंजुमन यतीमखाना इस्लामिया के वित्त सचिव शाहिद कामरान खान ने बताया कि यतीमखाना के कंप्यूटर सेंटर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसमें कोई भी बेटी जो इंटर मीडिएट कर रही है या इंटर पास कर चुकी है, वह पंजीकरण करा सकती है। उद्देश्य गरीब बेटियों को अपने पैरों पर खड़ा करने का है। जो आर्थिक मजबूरी या किसी वजह से कंप्यूटर कोर्स नहीं कर पा रही हैं, उन्हें प्राथमिकता पर रखा जाएगा।
एक बैच 15 प्रशिक्षुओं का होगा। अगर संख्या बढ़ी तो बैच बढ़ा लिए जाएंगे। पांच जुलाई को पंजीकरण के बाद स्क्रीनिंग की जाएगी, जिनका चयन होगा उन्हें सूचित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण दो घंटे का होगा और शाम पांच बजे से शुरू होगा जिससे स्कूल जाने वाली बेटियों को दिक्कत न हो।
इसमें दो कोर्स कराएंगे। जिन्हें बिल्कुल कंप्यूटर चलाना नहीं आता उन्हें पहले बेसिक सिखाया जाएगा। जिन्हें कंप्यूटर चलाना आता है उन्हें सीधे टैली सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान बीच-बीच में विशेषज्ञ व्यक्तित्व विकास की क्लास लेंगे।