'अपराध' और 'अपराधियों' से दूर रहने वाले CM योगी ये क्या कर बैठे, तस्वीरें देख चौंक जाएंगे आप
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रविवार को इटावा में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राम कृपाल यादव ने मुख्यमंत्री योगी के साथ अमनमणि त्रिपाठी के मंच साझा करने का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मंच पर जनप्रतनिधि का आना कोई बुरी बात नहीं। केवल अपराध लग जाने से कोई अपराधी नहीं हो जाता।
दरअसल, अपराध और अपराधियों से सीएम योगी हमेशा बचते नजर आते है। उनसे दूरी बनाए रखना उनके लिए उचित भी है। अभी-अभी प्रदेश में सरकार बनी है और इस तरह मर्डर के मामले में फंसे एमएलए से मिलकर सीएम योगी ने चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है।
अपनी ही पत्नी की हत्या का आरोपी है ये एमएलए
चर्चित 'मधुमिता हत्या कांड' के बारे में तो आप जानते ही होंगे। अगर जानते हैं तो एमएलए अमन मणि के नाम से भी वाकिफ होंगे। बता दें एमएलए अमनमणी के पिता व पूर्वमंत्री अमरमणी इस मामले में सजा काट रहे हैं। अमनमणी खुद भी अपनी पत्नी सारा सिंह की हत्या के आरोपी हैं। इस समय जमानत पर हैं।
शनिवार को जब अमन मणि यूनिवर्सिटी में बने सीएम के मंच पर समय से काफी पहले पहुंचे और मंच पर बेचैनी के साथ इधर-उधर टहल कर मोबाइल पर बात कर रहे थे, तभी अचानक सबकी नजरों में आ गए। सीएम के मंच पर और सीएम के बेहद करीब तक पहुंचना लोगों के बीच इस बात का इशारा था कि आने वाले दिनों में अमन मणि त्रिपाठी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
अमन मणि त्रिपाठी का नाम पुकारे जाने पर वे सीएम योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचे और बुके देकर स्वागत किया। फिर पैर छूकर कर अपने स्थान पर बैठ गए। उन्होंने सीएम को एक लिफाफा भी दिया। लिफाफे के संबंध में पूछे जाने पर अमनमणि ने कहा कि उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास के लिए जो जरूरत थी, उस संबंध में सीएम को लेटर दिया है।