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सबसे बड़ा सवाल: अलकायदा समर्थित आतंकी और असलहे देसी, तीन चाकू भी मिले थे, जांच एजेंसी भी चुप
Fri, 16 Jul 2021 09:48 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 16 Jul 2021 09:48 AM IST
सार
एटीएस ने लखनऊ के दुबग्गा इलाके से मिनहाज और मुशीर को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास एक पिस्टल बरामद होने का दावा किया था। ये 32 बोर पिस्टल कंट्रीमेड है।
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लखनऊ से गिरफ्तार हुआ आंतकी मिनहाज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लखनऊ में पकड़े गए अलकायदा समर्थित गजवातुल हिंद संगठन के आतंकियों के मामले में एक बड़ा सवाल उठ रहा है। अलकायदा बड़ा आतंकी संगठन है। उसके आतंकियों के पास से कंट्रीमेड पिस्टल बरामद होना गले नहीं उतर रहा है। संगठन के आतंकी आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करते हैं। आखिर इतने कमजोर हथियार इन आतंकियों के पास क्यों थे, इसका जवाब नहीं मिल रहा है।
अफसर भी इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। एटीएस ने लखनऊ के दुबग्गा इलाके से मिनहाज और मुशीर को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास एक पिस्टल बरामद होने का दावा किया था। ये 32 बोर पिस्टल कंट्रीमेड है। पता चला था कि पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों के पास से तीन चाकू भी बरामद हुए थे। इन आरोपियों ने असलहों की खरीदारी कानपुर के चमनगंज से बताई है।
इसमें लईक और आफाक का नाम सामने आ रहा है। अभी तक इन दोनों पर कार्रवाई नहीं हुई है। वैसे बड़े आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादी ऑटोमेटिक असलहों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में वे देसी असलहों का इस्तेमाल क्यों कर रहे थे, इसका जवाब अभी तक नहीं मिल सका है।
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अफसर भी इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। एटीएस ने लखनऊ के दुबग्गा इलाके से मिनहाज और मुशीर को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास एक पिस्टल बरामद होने का दावा किया था। ये 32 बोर पिस्टल कंट्रीमेड है। पता चला था कि पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों के पास से तीन चाकू भी बरामद हुए थे। इन आरोपियों ने असलहों की खरीदारी कानपुर के चमनगंज से बताई है।
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इसमें लईक और आफाक का नाम सामने आ रहा है। अभी तक इन दोनों पर कार्रवाई नहीं हुई है। वैसे बड़े आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादी ऑटोमेटिक असलहों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में वे देसी असलहों का इस्तेमाल क्यों कर रहे थे, इसका जवाब अभी तक नहीं मिल सका है।
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अभी शुरुआत, इसलिए देसी असलहे
जो संदिग्ध आतंकी पकड़े गए हैं, वो गजवातुल हिंद संगठन के हैं। दावा है कि ये संगठन अलकायदा समर्थित है। गजवातुल हिंद का मुखिया बिजनौर का रहने वाला है, जो काफी समय से लापता है। वह पाकिस्तान, अफगानिस्तान से जुड़ा है। एक सूत्र ने बताया कि गजवातुल हिंद एक सेल्फ मोटिवेट आतंकी संगठन है।
अलकायदा की तर्ज पर वो आतंकवाद फैलाता रहा है। चूंकि गजवातुल हिंद यहीं का संगठन है, इसलिए उससे जुड़े अधिकतर लोग यहीं के हैं। ये सब देसी असलहों आदि का इस्तेमाल करते हैं। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में ये पूरी तरह से ट्रेंड किए जाते, तब इनको आधुनिक असलहे मुहैया करवाकर बड़े मिशन पर भेजा जाता।
जो संदिग्ध आतंकी पकड़े गए हैं, वो गजवातुल हिंद संगठन के हैं। दावा है कि ये संगठन अलकायदा समर्थित है। गजवातुल हिंद का मुखिया बिजनौर का रहने वाला है, जो काफी समय से लापता है। वह पाकिस्तान, अफगानिस्तान से जुड़ा है। एक सूत्र ने बताया कि गजवातुल हिंद एक सेल्फ मोटिवेट आतंकी संगठन है।
अलकायदा की तर्ज पर वो आतंकवाद फैलाता रहा है। चूंकि गजवातुल हिंद यहीं का संगठन है, इसलिए उससे जुड़े अधिकतर लोग यहीं के हैं। ये सब देसी असलहों आदि का इस्तेमाल करते हैं। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में ये पूरी तरह से ट्रेंड किए जाते, तब इनको आधुनिक असलहे मुहैया करवाकर बड़े मिशन पर भेजा जाता।