{"_id":"69027ba25e63221f0a040ad5","slug":"aitds-electronics-department-receives-nba-certification-kanpur-news-c-12-1-knp1051-1311152-2025-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: एआईटीडी के इलेक्ट्रानिक्स विभाग को मिला एनबीए सर्टिफिकेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: एआईटीडी के इलेक्ट्रानिक्स विभाग को मिला एनबीए सर्टिफिकेट
विज्ञापन
कानपुर। डॉ. आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन (एआईटीडी) के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन (एनबीए) का सर्टिफिकेट मिला है। यह साढ़े तीन वर्षों के लिए मान्य रहेगा। खास बात यह है कि विभाग को यह मान्यता दूसरी बार मिली है जो शिक्षा की गुणवत्ता और विभाग की उत्कृष्टता को दर्शाती है।
एनबीए सर्टिफिकेशन मिलने से संस्थान के छात्र-छात्राओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। वह विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नौकरियों के लिए पात्र बनेंगे। इससे संस्थान को भी वही लाभ मिलेंगे जो देश के प्रमुख टियर-1 संस्थानों को मिलते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की साख और मजबूत होगी और छात्रों को उद्योगों में बेहतर पहचान मिलेगी। संस्थान की निदेशक प्रो. रचना अस्थाना ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के समर्पण का परिणाम है।
विज्ञापन
प्रो. पीके कमानी के कुशल मार्गदर्शन और विभाग प्रभारी श्वेता त्रिपाठी के नेतृत्व में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने लगातार मेहनत और नवाचार पर ध्यान दिया जिसके परिणामस्वरूप यह मान्यता मिली। उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में भी दिव्यांगजनों के लिए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करने का प्रयास जारी रखेगा।
विज्ञापन
एनबीए सर्टिफिकेशन मिलने से संस्थान के छात्र-छात्राओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। वह विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नौकरियों के लिए पात्र बनेंगे। इससे संस्थान को भी वही लाभ मिलेंगे जो देश के प्रमुख टियर-1 संस्थानों को मिलते हैं।
विज्ञापन
इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की साख और मजबूत होगी और छात्रों को उद्योगों में बेहतर पहचान मिलेगी। संस्थान की निदेशक प्रो. रचना अस्थाना ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के समर्पण का परिणाम है।
विज्ञापन
प्रो. पीके कमानी के कुशल मार्गदर्शन और विभाग प्रभारी श्वेता त्रिपाठी के नेतृत्व में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने लगातार मेहनत और नवाचार पर ध्यान दिया जिसके परिणामस्वरूप यह मान्यता मिली। उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में भी दिव्यांगजनों के लिए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करने का प्रयास जारी रखेगा।