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चित्रकूट: वादों-दर-वादों में दौड़ रहा सुंदर एयरपोर्ट का सपना, 5 साल में 60 प्रतिशत काम ही पूरा

Mon, 22 Feb 2021 11:22 AM IST
शिखा पांडेय सुधीर अग्रवाल, अमर उजाला, चित्रकूट
सुधीर अग्रवाल, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 22 Feb 2021 11:22 AM IST
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Airport is being built in Devangana of Chitrakoot
देवांगना घाटी में बनाया जा रहा प्रदेश का टेबल टॉप माडल एयरपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
देवांगना घाटी में बनाया जा रहा प्रदेश का टेबल टॉप माडल एयरपोर्ट इस वक्त वादों की पोटली से बाहर निकलने को तड़प रहा है। करीब पांच साल पहले बने हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की कवायद में करीब चार साल गुजरने वाले हैं, लेकिन अभी भी एयरपोर्ट अपना आकार नहीं ले पाया है।
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काम की सुस्त रफ्तार के पीछे की एक वजह अफसरों और मंत्रियों के वो वादे भी हैं, जो हवाई पट्टी पर पहुंचकर किए जाते हैं। जो भी अफसर या मंत्री एयरपोर्ट का काम देखने पहुंचते हैं, वह अब बस छह माह में यहां उड़नखटोला उतरने की बात कहकर चले जाते हैं।
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इनके वादे कब पूरे होंगे और प्रदेश के लिए खूबसूरती की मिसाल बनने वाला एयरपोर्ट कब चालू होगा, पता नहीं। अभी भी करीब चालीस फीसदी काम होना बाकी है। चित्रकूट तीर्थस्थल को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2013 में डेढ़ किमी हवाई पट्टी का निर्माण कराया था, जिसमें कुछ निजी विमान और हेलीकाप्टर ही उतर सकते थे।
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इसके बाद वर्ष 2015 में रीजनल कनेक्टिविटी स्क्रीम के तहत केंद्र सरकार ने देवांगना हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का निर्णय लेते हुए साढ़े तीन किमी के निर्माण के लिए 92.66 करोड़ रुपये देने की घोषणा करते हुए 48 करोड़ रुपये जारी किए।

वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र न मिलने से वर्ष 2017 से करीब डेढ़ साल तक काम ठप हो गया था। वर्ष 2019 में तत्कालीन डीएम विशाख जी अय्यर की पहल पर उड्डयन विभाग की ओर से 5 लाख 68 हजार रुपये वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में एनओसी देने के लिए जमा करा एनओसी ली थी।

इसके बाद से काम कुछ महीनों तो तेजी से चला, लेकिन अचानक रफ्तार सुस्त हो गई। करीब चार साल से हर छह माह में नया वादा मिलता है, लेकिन अभी एयरपोर्ट आकार नहीं ले सका। केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री, एयरपोर्ट निर्माण एजेंसी के अधिकारी आदि निर्माणस्थल में आते हैं, लेकिन अब शुरू होगा, तब शुरू होगा का वादा कर चले जाते हैं।

प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी भी कई बार दौरा कर वादे कर चुके हैं। डीएम शेषमणि पांडेय का कहना है कि एयरपोर्ट बनने के बाद चित्रकूट क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आवागमन सुगम होने से क्षेत्र का विकास तेजी से होगा।

टेबल टॉप एयरपोर्ट सुंदरता की मिसाल होगा
देवांगना का टेबल टॉप एयर पोर्ट सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। जिस तरह एक पहाड़ी पर ये बन रहा है, उसकी सुंदरता देश के किसी भी एयरपोर्ट के सौंदर्य को पीछे छोड़ती नजर आती है। 260 एकड़ भूमि पर बन रहे एयरपोर्ट का रनवे 1475 मीटर लंबा और 23 मीटर चौड़ा होगा।

नए टर्मिनल, एप्रन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल भवन और कार पार्किंग पर कार्य चल रहा है। यूपी सरकार भी 50 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश हैं कि पैसे की कमी से कोई भी कार्य बाधित नहीं होने दिए जाएंगे।

नानाजी देशमुख की भी महत्वपूर्ण भूमिका थी
भारत रत्न समाज सेवी नानाजी देशमुख, फिल्म निर्माता पंडित बसंत और तत्कालीन डीएम जगन्नाथ सिंह ने भी हवाई पट्टी बनाने की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी पहल से ही इस जगह का चयन कर कार्य शुरू हुआ था। हवाई पट्टी तक पहुंचने के लिए अब प्रशासन की तरफ से सात मीटर चौड़ी सड़क गढ़ीवा गांव के पास बन गई है। इस सड़क के बनने से हवाई पट्टी से वाहनों का आवागमन आसानी से शुरू हो सकेगा।

एयरपोर्ट से जुडे़ंगे तीर्थ स्थल--- 
देवांगना एयरपोर्ट को प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ और कानपुर हवाई अड्डों से सीधेे जोड़ने की तैयारी शुरू की जा चुकी है।

अब तक साठ फीसदी ही काम हो सका
पच्चीस सौ मीटर की नई हवाई पट्टी संग टर्मिनल भवन, पेयजल की व्यवस्था के लिए पंप हाउस, टावर निर्माण व मशीनों को रखने को भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है। पंपहाउस का कार्य हो चुका है, जबकि बाकी कार्य किए जा रहे है। अफसरों का दावा है कि 60 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।

उड्डयन विभाग के इंजीनियर अतुल प्रकाश ने बताया कि वन विभाग की ओर से रोक लगने से काम बंद हो गया था, जो 2019 में अक्तूबर माह मेें शुरू हो सका। बीच में करोना संक्रमण आने से भी कार्य प्रभावित हुआ। 2021 जून तक हवाई पट्टी का निर्माण करने के लिए आदेश मिले थे।

उम्मीद है कि कार्य पूरा हो जाएगा। बताया कि टर्मिनल भवन का कार्य 20 नवंबर 2019 को शुरू हुआ, जिसको मार्च 2021 तक पूरा होना है। दावा किया कि टर्मिनल भवन मार्च तक हैंडओवर कर दिया जाएगा। हवाई पट्टी से जिला मुख्यालय तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया है।

देरी होने से बढ़ता जा रहा है बजट
एयरपोर्ट बनने में लगातार देरी से इसका बजट भी बढ़ता जा रहा है। पहले इसे 92.66 करोड़ रुपये में बनना था, लेकिन हर छह माह बाद अपरिहार्य कारणों से काम बंद हुआ तो महंगाई के हिसाब से बजट बढ़ता गया। अब इसका बजट 98 करोड़ रुपये बताया गया है।
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