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Kanpur News: आम के पेड़ों में रोग की जानकारी देगा एआई मॉडल

Wed, 23 Jul 2025 01:49 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jul 2025 01:49 AM IST
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AI model will give information about diseases in mango trees
कानपुर। आम के पेड़ों में लगने वाले रोगों और उसका उपचार अब एक क्लिक से पता हो जाएगा। पेड़ की फोटो खींच कर एआई मॉडल पर अपलोड करने से तनों, पत्तियों, फलों और जड़ों में लगने वाले रोग का पता चलेगा। यह मॉडल छह महीने पूर्व ही रोगों की सूचना देने में सक्षम है। शहर के प्रणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (पीएसआईटी) की एआई लैब ने इसे विकसित किया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत उन्नाव के आम बागान में इस प्रणाली का प्रयोग किया गया है जिससे फलों का उत्पादन 30 प्रतिशत तक अधिक मिला है।
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पीएसआईटी के ग्रुप निदेशक डाॅ. मन मोहन शुक्ला के नेतृत्व में संचालित इस परियोजना को तीन तकनीकी चरणों में पूरा किया गया है। पहले चरण में आम की पत्तियों में लगने वाली प्रमुख बीमारियों जैसे एन्थ्रेक्नोज, पाउडरी मिल्ड्यू, बैक्टीरियल कैंकर की पहचान के लिए एक एआई माडल विकसित किया गया है। यह 99 प्रतिशत सटीकता से कार्य करता है। डाॅ. शुक्ला ने बताया कि किसान मोबाइल से पत्तों की तस्वीर लेकर तुरंत रोग का नाम और उपचार जान सकते हैं। संस्थान के डीन ऑफ रिसर्च एंड इनोवेशन डाॅ. बृजेश चौरसिया के साथ तैयार किए गए इस माॅडल को विश्वस्तर पर प्रतिष्ठित शोध जर्नल स्प्रिंजर ने प्रकाशित भी किया है।
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दूसरे चरण में आम की किस्मों की पहचान का सीएनएन माॅडल तैयार किया गया है। यह दशहरी, लंगड़ा, अल्फांसो, केसर जैसी किस्मों की पहचान 97.50 प्रतिशत सटीकता से कर सकता है। इसकी मदद से फलों की गुणवत्ता नियंत्रण, निर्यात ग्रेडिंग भी हो सकेगी। तीसरे चरण में तने में लगने वाली बीमारियों की पहचान के लिए एआई माॅडल को क्यूरेटेड डेटासेट पर प्रशिक्षित किया गया है। इसमें स्वस्थ और रोगग्रस्त तनों के चित्रों का विशाल डाटा शामिल हैं। इससे भी 92 प्रतिशत सटीक परिणाम मिले हैं।
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ग्रुप निदेशक ने बताया कि परियोजना में डाटा प्रीप्रोसेसिंग, ट्रांसफर लर्निंग और माॅडल ट्यूनिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया है। यह तकनीक किसानों को प्रारंभिक अवस्था में रोग पहचानने, समय पर उपचार करने और उपज को संरक्षित करने में सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एप के साथ डिवाइस तैयार की जाएगी, जो किसानों की मदद करेगी।
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