कानपुर विश्वविद्यालय: एआई मंथन 2.0 का समापन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विजेताओं को किया पुरस्कृत
Kanpur News: छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय एआई मंथन 2.0 का रविवार को समापन हुआ। समापन समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शिरकत की। उन्होंने वैलेडिक्टरी संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव, इसके उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विचार रखे। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया।
विस्तार
शिक्षा से स्वास्थ्य तक एआई के उपयोग पर हुआ मंथन
एआई मंथन 2.0 का आयोजन 12 और 13 सितंबर को सीएसजेएमयू में किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के राज्य, कृषि, तकनीकी और चिकित्सा विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ विशेषज्ञ, शिक्षाविद, उद्योग जगत से जुड़े लोग और विद्यार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम में 450 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की जानकारी दी गई थी।
दो दिवसीय कार्यक्रम में शिक्षा, कृषि, चिकित्सा, शोध, उद्योग और शासन समेत विभिन्न क्षेत्रों में एआई की उपयोगिता पर चर्चा हुई। सम्मेलन का उद्देश्य अकादमिक शोध और तकनीकी नवाचार को उद्योग के साथ जोड़ने तथा एआई के जिम्मेदार और प्रभावी इस्तेमाल की संभावनाओं पर विचार करना रहा।
एआई के जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने एआई से जुड़े नए प्रयोगों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार रखे। शिक्षा में एआई आधारित शिक्षण और मूल्यांकन, कृषि में तकनीकी समाधान, स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल तथा विश्वविद्यालयों में एआई आधारित प्रशासन जैसे विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए।
आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल समेत विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने एआई के तेजी से बदलते स्वरूप और इसके प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने एआई की बढ़ती क्षमता के साथ इसके सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल की जरूरत पर भी जोर दिया।
हैकाथॉन विजेताओं को किया पुरस्कृत
समापन समारोह में बीओबी हैकाथॉन के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के आधिकारिक कार्यक्रम में पुरस्कार वितरण के बाद राज्यपाल का वैलेडिक्टरी संबोधन निर्धारित था।
एआई मंथन 2.0 में प्रदेश के विभिन्न संस्थानों की ओर से एआई आधारित स्टार्टअप और मॉडल भी प्रदर्शित किए गए। राज्यपाल ने प्रदर्शनी का निरीक्षण कर विद्यार्थियों और संस्थानों की ओर से विकसित तकनीकी समाधानों की जानकारी ली।
एआई को भविष्य की जरूरत के रूप में देखने पर जोर
समापन अवसर पर एआई को केवल तकनीकी बदलाव तक सीमित न रखते हुए शिक्षा, शोध, शासन और समाज के लिए उपयोगी बनाने पर जोर दिया गया। विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के मंच में अकादमिक जगत, तकनीकी संस्थानों, स्टार्टअप और उद्योग से जुड़े लोगों को एक साथ लाने का प्रयास किया गया।