चित्रकूट पहुंचे कृषि मंत्री सूर्य प्रतापशाही: कामदगिरी की परिक्रमा लगाई, किसान कल्याण केंद्र का किया लोकार्पण
कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग के मंत्री सूर्य प्रताप शाही गुरूवार को चित्रकूट पहुंचे।उन्होंने कामदनाथ मंदिर में माथा टेका। साथ ही, किसान कल्याण केंद्र का लोकार्पण किया।
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चित्रकूट जिले में कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग के मंत्री सूर्य प्रताप शाही खरीफ उत्पादकता गोष्ठी व किसान मेला प्रदर्शनी में शामिल हुए। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके हित के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है।
गुरुवार को कालूपुर के मंदाकिनी गेस्ट हाउस में गोष्ठी में कृषि मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती से सभी को फायदा है। इसको प्रोत्साहित किया जाना है। अरब देश दुबई ने 40 मीट्रिक टन गोबर की खाद की मांग की है। अच्छी पैदावार गोबर वाले खाद से होगी जबकि रासायनिक उर्वरक से उतना उत्पादन नहीं होगा। पहले सावा कोदो आदि की फसलों की पैदावार की जाती थी सरकार गरीब किसानों के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है।
विधायक मानिकपुर अविनाश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि जनपद में कुछ जगह पहाड़ है। वहां सरसों के अलावा कुछ नहीं बोया जाता। जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने कहा कि किसान अपनी मिट्टी एवं सिंचाई को देखते हुए खेती करें। भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश खरे, सांसद प्रतिनिधि श्री शक्ति प्रताप सिंह तोमर, कृषि उपनिदेशक राजकुमार आदि मौजूद रहे।
कामदनाथ मंदिर में माथा टेका, स्कूली बच्चों की बातचीत
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्राथमिक विद्यालय सोनेपुर पहुंचकर बच्चों से बातचीत की। मिडडे मील और पानी के इंतजाम बारे में जाना। शिक्षकों को निर्देश दिए कि शासन की योजना के अनुसार बच्चों को सुविधाएं दी जाएं और शिक्षण कार्य में लापरवाही न करें। उन्होंने भगवान कामदनाथ मंदिर में माथा टेका। इसके बाद कामदगिरी की परिक्रमा लगाई। इस दौरान कई जगह साधुसंतों से बातचीत की।
मंत्री ने गोष्ठी में किसानों को किया जागरूक
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने नरैनी रोड स्थित राजकीय कृषि फार्म में किसान कल्याण केंद्र का बटन दबाकर लोकार्पण किया। दलहन के बीज पैकेट भी किसानों को वितरित किए। कृषि मंत्री ने प्रदेश सरकार की ओर से दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए संचालित की जा रही योजनाओं को बताया। किसानों से परंपरागत खेती के अलावा दलहन-तिलहन की तरफ बढ़ने के लिए प्रेरित किया।