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एजीएम सर, मैं चोर नहीं हूं, गलती हुई लिखकर बैंक मैनेजर ने दी जान, सुसाइड नोट पढ़ छलक उठेंगे आंसू
Wed, 24 Mar 2021 12:18 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 24 Mar 2021 12:18 AM IST
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मृतक बैंक मैनेजर
- फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में पांच लाख के गबन के आरोपों से परेशान केनरा बैंक बिरहाना रोड शाखा के प्रबंधक अजीत सिंह पाल (40) ने मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी। फांसी लगाने से पहले एजीएम को लिखे पत्र में उन्होंने लिखा कि सर, मैं चोर नहीं हूं।
मैंने कभी कोई ऐसा काम नहीं किया, जिससे बैंक का नुकसान और मेरा लाभ हो। मुझसे गलती हुई है। इसमें मेरी शाखा का कोई भी कर्मचारी इरादतन शामिल नहीं है। पत्र में उन्होंने खुद को बेकसूर बताते हुए परिवार को परेशान न करने की भी बात लिखी है।
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मैंने कभी कोई ऐसा काम नहीं किया, जिससे बैंक का नुकसान और मेरा लाभ हो। मुझसे गलती हुई है। इसमें मेरी शाखा का कोई भी कर्मचारी इरादतन शामिल नहीं है। पत्र में उन्होंने खुद को बेकसूर बताते हुए परिवार को परेशान न करने की भी बात लिखी है।
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शास्त्री नगर निवासी अजीत सिंह पत्नी सुनैना और तीन साल की बेटी अनन्या के साथ कल्याणपुर आवास विकास-एक में रहते थे। सोमवार देर शाम सुनैना बेटी संग शास्त्री नगर में चाचा उदयभान के घर गई थी। मंगलवार खुद को अकेला पाकर अजीत सिंह ने फांसी लगा ली।
पड़ोसियों ने उन्हें फंदे पर लटकता देख घटना की जानकारी पुलिस और परिजनों को दी। पुलिस उन्हें कार्डियोलॉजी ले गई। यहां से उन्हें हैलट रेफर कर दिया गया। हैलट में उनकी मौत हो गई। फोरेसिंक टीम के साथ घर पहुंची कल्याणपुर पुलिस को उनके कमरे से एक डायरी में एजीएम के नाम लिखा पत्र मिला। इसमें उन्होंने खुद को बेकसूर बताते हुए अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगी है।
परिजनों ने बताया डिप्रेशन में थे
परिजनों ने बताया कि कुछ माह पहले बैंक से करीब पांच लाख रुपये का गलत ट्रांजेक्शन हो गया था। आरोप है कि बैैैंक के डिवीजनल मैनेजर ने खुद के लाभ के लिए ऐसा करने का उन पर आरोप लगाया था। इसके बाद से वे डिप्रेशन में थे।
पड़ोसियों ने उन्हें फंदे पर लटकता देख घटना की जानकारी पुलिस और परिजनों को दी। पुलिस उन्हें कार्डियोलॉजी ले गई। यहां से उन्हें हैलट रेफर कर दिया गया। हैलट में उनकी मौत हो गई। फोरेसिंक टीम के साथ घर पहुंची कल्याणपुर पुलिस को उनके कमरे से एक डायरी में एजीएम के नाम लिखा पत्र मिला। इसमें उन्होंने खुद को बेकसूर बताते हुए अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगी है।
परिजनों ने बताया डिप्रेशन में थे
परिजनों ने बताया कि कुछ माह पहले बैंक से करीब पांच लाख रुपये का गलत ट्रांजेक्शन हो गया था। आरोप है कि बैैैंक के डिवीजनल मैनेजर ने खुद के लाभ के लिए ऐसा करने का उन पर आरोप लगाया था। इसके बाद से वे डिप्रेशन में थे।