फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   After the death of Mulayam Singh today is a big test for Akhilesh, everyones eyes on Subrata's success

UP: मुलायम सिंह के निधन के बाद आज अखिलेश की बड़ी परीक्षा, सुब्रत की कामयाबी पर सबकी नजर, इमरान के भरोसे बसपा

Tue, 04 Jun 2024 04:48 AM IST
हिमांशु अवस्थी तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 04 Jun 2024 04:48 AM IST
सार

Kannauj News: जिले से हर सियासी कॅरियर का आगाज करने वाले अखिलेश यादव ने 15 साल बाद यहां चुनाव वाले दिन भी आकर सियासी गंभीरता दिखाई। देखना है कि जनता ने उनके इस कदम पर कितना भरोसा जताया है। वहीं, सपा मुखिया अखिलेश यादव से दूसरी बार टकरा रहे भाजपा सांसद सुब्रत पाठक पर भी सभी की निगाहें लगी हैं।

विज्ञापन
After the death of Mulayam Singh today is a big test for Akhilesh, everyones eyes on Subrata's success
कन्नौज लोकसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिस पिता ने अब से 24 साल पहले कन्नौज शहर के बोर्डिंग ग्राउंड की सभा में हाथ उठाकर अखिलेश यादव को नेता बनाने की अपील की थी, वह इस बार नहीं हैं। उनके निधन के बाद फिर से कन्नौज से अपनी दूसरी सियासी पारी का आगाज करने के लिए किस्मत आजमा रहे सपा मुखिया अखिलेश यादव को आज अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा।

विज्ञापन

उन्हें न सिर्फ खुद की सीट पर पार्टी को कामयाब बनाने की जिम्मेदारी है, बल्कि परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ ही पार्टी को भी कामयाब बनाना है। मंगलवार को आने वाले चुनावी नतीजे अखिलेश यादव की उम्मीदवारी के साथ ही पार्टी मुखिया के कद को भी तय करेंगे। सभी की निगाहें उन पर लगी होंगी।

विज्ञापन

तीन बार सांसद रहने के बाद मुख्यमंत्री बन चुके हैं अखिलेश
पिछले चुनाव में भाजपा के हाथों गंवा चुकी कन्नौज की सीट को फिर से हासिल करने के लिए उनका खुद मैदान में उतरना कितना कारगर होगा, यह मंगलवार को तय हो जाएगा। यहीं से सियासी कॅरियर का आगाज करने वाले अखिलेश यादव तीन बार सांसद रहने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री बन चुके हैं।

अलग-अलग अंदाज में प्रचार कर बनाया माहौल
2009 में आखिरी बार यहां से जीते थे। अब वह 15 साल बाद चुनाव वाले दिन भी यहां आकर सियासी गंभीरता दिखाई। देखना है कि जनता ने उनके इस कदम पर कितना भरोसा जताया है। मैदान में उतरने के बाद यहां उन्होंने अलग-अलग अंदाज में प्रचार कर माहौल तो बनाया, चुताया है, यह मंगलवार को तय होगा।

विज्ञापन

इनको कामयाब बनाने का भी दारोमदार है
अखिलेश यादव को खुद अपनी सीट के अलावा मैनपुरी से पत्नी डिंपल यादव, फिरोजाबाद से भाई अक्षय यादव, बदायूं से भाई आदित्य यादव और आजमगढ़ से भाई धर्मेंद्र यादव को कामयाब बनाने का भी दारोमदार है।

सियासी रुतबे का होगा अंदाजा
मंगलवार को इन सीटों के नतीजे से भी उनके सियासी रुतबे का अंदाजा होगा। इसके अलावा देश-प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा से आमने-सामने की टक्कर में वह कितने दमदार साबित हुए हैं, यह उनकी पार्टी को मिले समर्थन से तय होगा। ऐसे में सभी की निगाहें उन पर ही लगी हैं।

सुब्रत की कामयाबी पर सभी की नजर
सपा मुखिया अखिलेश यादव से दूसरी बार टकरा रहे भाजपा सांसद सुब्रत पाठक पर भी सभी की निगाहें लगी हैं। अपनी तीसरी कोशिश में पिछली बार पहली कामयाबी हासिल करने वाले सुब्रत पाठक चौथी बार मैदान में हैं।

भाजपा के बड़े नेता भी लगातार फीडबैक ले रहे
वह 2009 के अपने पहले चुनाव में अखिलेश यादव के सामने मैदान में उतरे थे। तब से लगातार पार्टी उन्हें मौका दे रही है। पिछली बार मिली कामयाबी को इस बार बरकरार रखने में वह कामयाब होते हैं या नहीं, इस पर सभी की निगाह लगी है। भाजपा के बड़े नेता भी लगातार फीडबैक ले रहे हैं।

इमरान के भरोसे पहली जीत की तलाश में बसपा
वर्ष 1997 में कन्नौज को फर्रुखाबाद से अलग करके नया जिला बनाने वाली बसपा को यहां पहली जीत की तलाश है। वर्ष 2014 से पहले के चुनाव में बसपा यहां सपा को कड़ी टक्कर देती रही है, लेकिन जीत की दहलीज से पहले ही उसके कदम ठिठकते रहे हैं।

16 चुनाव में बसपा को कभी भी जीत नहीं मिली
ऐसे में इस बार पार्टी ने कानपुर के निवासी कारोबारी इमरान बिन जफर को मैदान में उतार कर मुस्लिम कार्ड खेला है। अब तक इस सीट पर हुए 16 चुनाव में बसपा को कभी भी जीत नहीं मिली है। इस बार कितना दम लगाया है, यह देखने वाली बात होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed