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Kanpur News: शुद्धीकरण के बाद फोटो खींच कर भेजते थे विदेश

Wed, 14 Jan 2026 02:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jan 2026 02:03 AM IST
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After purification, they used to take photos and send them abroad.
कानपुर देहात। धर्मांतरण के मामले में एसआईटी अब उन लोगों की तलाश में जुटी है, जो नवाकांती सोसाइटी में लगातार आते-जाते थे। पुलिस ने अब तक 100 से अधिक ऐसे लोगों को िचह्नित किया है। ड्रेस कोड के आधार पर भी कुछ लोग चिह्नित किए जा रहे। डुडौली निवासी किसान ने झांसी में करवाए गए उसके शुद्धीकरण की पूरी कहानी हमारे रिपोर्टर से बयां की है।
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डुडौली गांव में खेतों पर फसल की रखवाली कर रहे 50 वर्षीय किसान ने बताया कि सबसे पहले गांव के दो लोग ईसाई धर्म से जुड़े थे। करीब 10 साल पहले से ही गांव में लोगों का धर्मांतरण करवाना शुरू कर दिया गया था। किसान ने बताया कि वह भी गांव में आने वाले बाहरी लोगों की बातों में आकर करीब 10 साल पहले झांसी गए थे। वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति ने उनसे धर्म परिवर्तन की बात नहीं कही लेकिन उनको भवन में बनी कुंडी में कई लोगों के साथ बैठाकर नहलाया गय था।
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वहां मौजूद एक पादरी ने सिर पर हाथ रखकर उनका शुद्धीकरण करवाया। शुद्धीकरण के दौरान उनकी और उनके साथ जिन लोगों का भी शुद्धीकरण हुआ था उन सभी की फोटो भी खींची गई थीं। फोटो खींच कर किसी को भेजी गईं। इसके एवज में उन्हें किराया और अन्य चीजों के लिए कुछ रुपये मिले और वह घर चले आए।
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बताया कि अक्सर कुछ लोग गांव आते थे और रोजगार व अन्य लाभ दिलाए जाने की बात कह पहले झांसी ले जाते थे। बाद में अकबरपुर बुलाने लगे। किसान ने बताया कि गरीब तो गरीब है व्यक्ति को तो रोजगार व आर्थिक लाभ से मतलब है। उनको कोई आठ हजार रुपये देगा तो कोई भी उसकी जय-जयकार करने लगेगा। जो लोग पढ़े लिखे हैं, हाईस्कूल इंटर किए हैं, उनको रोजगार मिल गया। उन्होंने यह भी बताया कि वह खेती-किसानी के चलते बैठकों में नहीं जा पा रहे थे। इससे उन्हें आर्थिक लाभ मिलना बंद हो गया। उन्होंने भी संस्था से नाता तोड़ लिया। गांव में आज भी कुछ लोगों को संस्था की ओर से रुपये दिए जाते हैं।
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जन्म से लेकर मृत्यु तक कई रस्मों के तरीके भी बदले

डुडौली गांव में धर्म परिवर्तन का असर भी लोगों में देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई लोग धर्म परिवर्तन करवाने के बाद भी पुराने धर्म की राह पर लौट आए हैं तो कई लोग ने नए धर्म की रस्म को अपनाना शुरू कर दिया है। वह लोग बच्चा पैदा होने से लेकर मरण तक नए धर्म की रस्में मानते हैं। पहले गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके शव को हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया जाता था। अब गांव के कुछ परिवार ईसाई धर्म के हिसाब से अंतिम संस्कार भी करने लगे हैं। गांव में कई लोगों को ईसाई धर्म के हिसाब से अंतिम संस्कार किया भी जा चुका है। जिनकी कब्र उनके खेत पर बनी हुई हैं।
.......धर्म परिवर्तन करवा चुके लोगों को मिलना बंद हो जाति विशेष की सुविधा

कानपुर देहात। जिले में धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद बजरंग दल ने भी धर्मांतरण के विरोध में मोर्चा खोल दिया है।

रविवार को पुखरायां में हंगामे के बाद मंगलवार को बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक गौरव शुक्ला के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद एडीएम न्यायिक को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंप कर धर्म परिवर्तन करवा चुके लोगों को जाति विशेष की सुविधा देना बंद कराए जाने की मांग की है।

ज्ञापन में पदाधिकारियों ने कहा कि जिले में कई अवैध चर्च का निर्माण है। जिनमें प्रत्येक सप्ताह, प्रार्थना के नाम पर बड़ी तादात में प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करवाया जाता है। कई बार में शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने से बड़ी संख्या में हिंदुओं को बहला फुसला कर लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है।

इससे लोग आहत हैं। उन्होंने अवैध चर्च की जांच कर ध्वस्तीकरण की मांग की। यदि उनकी मांग पूर्ण नहीं हुई तो बजरंग दल प्रत्येक रविवार को चर्च के बाहर विरोध प्रदर्शन कर अवैध कार्य रोकने के लिए मजबूर होगा। एडीएम ने मामला उच्चाधिकारियों को अवगत करवाकर निस्तारित करवाने का आश्वासन दिया है। (संवाद)




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धर्मांतरण को दर्शाने के लिए ली गईं फोटो बनीं गले की फांस

नवाकांती सोसाइटी में हुए धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया के दौरान गिरोह के सदस्यों ने फोटो लेकर विदेश भेजे। जिससे वह विदेश में बैठे लोगों को धर्मांतरण की स्थिति व समूह को बड़ा करने की प्रगति रिपोर्ट दिखा सकें। जिससे उन्हें चंदा मिल सके मगर फंडिंग करने के लिए प्रयोग की जाने वाली धर्मांतरण की फोटो ही अब पूरे गिरोह के गले की फांस बन गई हैं। एसआईटी गिरोह के गिरफ्तार सदस्य डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी व सावित्री शर्मा के पास मिले फोटोग्राफ्स से धर्मांतरण के खेल में जुटे लोगों के चेहरे प्रमाणित करने में जुटी है।
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