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Kanpur News: दिवाली बाद जिले का एक्यूआई पहुंचा 154, हवा की गुणवत्ता खराब
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इटावा। जिले में दिवाली पर्व सोमवार व मंगलवार को मनाया गया है। दिवाली पर लोगों ने जमकर पटाखे छुड़ाए। बुधवार को जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब स्तर पर पहुंच गया। सुबह से दोपहर तक धुएं की चादर दिखाई दी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तीन दिनों तक वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका है। बुधवार दोपहर 12 बजे जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 154 दर्ज किया गया।
दिवाली के बाद जिले की हवा प्रदूषित होनी शुरू हो गई है। इसका असर सोमवार रात और मंगलवार सुबह से ही देखने को मिलने लगा था। बुधवार को दिनभर आसमान में धुआं छाया रहा। जिले का एक्यूआई 154 तक पहुंच गया। यह रविवार, सोमवार और शनिवार को 110 से 115 के आसपास चल रहा था। दीपावली पर पटाखों के कारण भी एक्यूआई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बुधवार सुबह सैर सपाटे पर निकलने वाले लोगों की संख्या भी कम रही। खासतौर से हृदय और श्वास के मरीज बाहर निकलने से बच रहे हैं। स्मॉग से आंखों में जलन, सांस संबंधी परेशानियां, फेफड़ों में संक्रमण, घबराहट, सिरदर्द, तनाव, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ने की संभावना है।
उधर, ठंड भी बढ़नी शुरू हो गई है। बुधवार का अधिकतम तापमान 32, न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन की अपेक्षा रातें अधिक सर्द होने लगीं हैं। फिजीशियन डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि स्मॉग से खांसी, गले और छाती में संक्रमण हो सकता है। जिन लोगों को अस्थमा है, उनके लिए यह काफी खतरनाक है। स्मॉग के कारण सांस लेने में दिक्कत होती है इससे बुखार भी हो सकता है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, सांस के मरीजों के लिए ये कण ज्यादा नुकसानदेह होते हैं। दिल के मरीजों के लिए भी यह काफी खतरनाक है।
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दिवाली के बाद जिले की हवा प्रदूषित होनी शुरू हो गई है। इसका असर सोमवार रात और मंगलवार सुबह से ही देखने को मिलने लगा था। बुधवार को दिनभर आसमान में धुआं छाया रहा। जिले का एक्यूआई 154 तक पहुंच गया। यह रविवार, सोमवार और शनिवार को 110 से 115 के आसपास चल रहा था। दीपावली पर पटाखों के कारण भी एक्यूआई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बुधवार सुबह सैर सपाटे पर निकलने वाले लोगों की संख्या भी कम रही। खासतौर से हृदय और श्वास के मरीज बाहर निकलने से बच रहे हैं। स्मॉग से आंखों में जलन, सांस संबंधी परेशानियां, फेफड़ों में संक्रमण, घबराहट, सिरदर्द, तनाव, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ने की संभावना है।
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उधर, ठंड भी बढ़नी शुरू हो गई है। बुधवार का अधिकतम तापमान 32, न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन की अपेक्षा रातें अधिक सर्द होने लगीं हैं। फिजीशियन डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि स्मॉग से खांसी, गले और छाती में संक्रमण हो सकता है। जिन लोगों को अस्थमा है, उनके लिए यह काफी खतरनाक है। स्मॉग के कारण सांस लेने में दिक्कत होती है इससे बुखार भी हो सकता है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, सांस के मरीजों के लिए ये कण ज्यादा नुकसानदेह होते हैं। दिल के मरीजों के लिए भी यह काफी खतरनाक है।
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