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Kanpur News: 43 साल बाद मूर्तियों का थाने से रिहाई का आदेश
Fri, 19 Dec 2025 01:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 19 Dec 2025 01:30 AM IST
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मूसानगर। नगर के मुख्य बाजार स्थित श्री बांकेबिहारी मंदिर से चोरी हुई मूर्तियों को 43 वर्ष बाद न्यायालय से रिहाई का आदेश मिला है। गुरुवार को सीजेएम कोर्ट ने आदेश जारी किया। इस पर लोगों ने खुशी जताई।
श्री पटराहन मंदिर समिति के महामंत्री ने बताया कि 16 अप्रैल 1983 की रात चोरों ने मंदिर से भगवान राधा रानी, बलदाऊ जी, हनुमान जी, गणेश जी और गरुड़ जी की मूर्तियां चोरी हुई थीं। बाद में मूर्तियां बरामद हुईं, जिन्हें तब से थाने के मालखाने में सुरक्षित रखा गया था। तभी से समिति द्वारा लगातार न्यायालय में पैरवी की जा रही थी।
महामंत्री ने बताया कि 13 सितंबर 1995 को एक बार मूर्तियों की सुपुर्दगी का आदेश भी हो चुका था, लेकिन अदालती प्रक्रियाओं और कागजी औपचारिकताओं के चलते मूर्तियों की रिहाई नहीं हो सकी। अब 43 वर्ष बाद आखिरकार रिहाई का आदेश मिल गया है और शीघ्र ही मूर्तियां थाने के मालखाने से बाहर लाई जाएंगी। मंदिर समिति के सदस्य राजेश गुप्ता ने कहा कि 43 वर्षों से मंदिर में भगवान बांके बिहारी की अकेले पूजा होती रही, लेकिन अब पूरे परिवार के साथ पूजा का सौभाग्य मिलेगा, जो हम सभी के लिए अत्यंत भावुक क्षण है। मंदिर से जुड़े सर्राफा व्यापारी राजीव सोनी ने बताया कि मूर्तियों की रिहाई का आदेश मिलते ही अपार प्रसन्नता हुई है। पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल है।
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श्री पटराहन मंदिर समिति के महामंत्री ने बताया कि 16 अप्रैल 1983 की रात चोरों ने मंदिर से भगवान राधा रानी, बलदाऊ जी, हनुमान जी, गणेश जी और गरुड़ जी की मूर्तियां चोरी हुई थीं। बाद में मूर्तियां बरामद हुईं, जिन्हें तब से थाने के मालखाने में सुरक्षित रखा गया था। तभी से समिति द्वारा लगातार न्यायालय में पैरवी की जा रही थी।
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महामंत्री ने बताया कि 13 सितंबर 1995 को एक बार मूर्तियों की सुपुर्दगी का आदेश भी हो चुका था, लेकिन अदालती प्रक्रियाओं और कागजी औपचारिकताओं के चलते मूर्तियों की रिहाई नहीं हो सकी। अब 43 वर्ष बाद आखिरकार रिहाई का आदेश मिल गया है और शीघ्र ही मूर्तियां थाने के मालखाने से बाहर लाई जाएंगी। मंदिर समिति के सदस्य राजेश गुप्ता ने कहा कि 43 वर्षों से मंदिर में भगवान बांके बिहारी की अकेले पूजा होती रही, लेकिन अब पूरे परिवार के साथ पूजा का सौभाग्य मिलेगा, जो हम सभी के लिए अत्यंत भावुक क्षण है। मंदिर से जुड़े सर्राफा व्यापारी राजीव सोनी ने बताया कि मूर्तियों की रिहाई का आदेश मिलते ही अपार प्रसन्नता हुई है। पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल है।
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