अधिवक्ताओं ने घेरा थाना: अधिवक्ता और भाजयुमो नेता सुलझा रहे थे विवाद, चौकी इंचार्ज ने की बदसलूकी, पढ़ें मामला
Kanpur Crime: इंस्पेक्टर बजरिया को सूचना दी गई, जो उस समय उच्चाधिकारियों के पास गए हुए थे। सुनवाई न होता देख अधिवक्ता और भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाना घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी।
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कानपुर के बजरिया थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रहे एक अधिवक्ता को भारी पड़ गया। मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज ने एक तरफा कार्रवाई करनी चाही तो अधिवक्ता ने विरोध किया। गुस्साए दरोगा ने अधिवक्ता को ही हवालात में डाल दिया।
सूचना पर बजरिया थाने पर भाजयुमो कार्यकर्ताओ और अधिवक्ताओं की भीड़ पहुंच गई और हंगामा करते हुए नारेबाजी करने लगी। अधिवक्ताओं का आरोप था कि चौकी इंचार्ज शराब के नशे में थे और उन्होंने अधिवक्ता के साथ बदजुबानी भी की। खबर लिखे जाने तक थाने में हंगामा जारी था।
जानकारी के अनुसार थानाक्षेत्र के जवाहरनगर के रामबाग मोहल्ले में दो पक्षों में विवाद हो गया। विवाद के दौरान ही पी रोड चौकी इंचार्ज अरविंद कुमार पहुंच गए और दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद को खत्म कराने के लिए प्रयास कर रहे भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष व अधिवक्ता सचिंद्र सिंह सेंगर से उलझने लगे।
आरोप- चौकी इंचार्ज शराब के नशे में थे धुत
विवाद बढ़ा, तो चौकी इंचार्ज अधिवक्ता को उठाकर थाने ले आए और हवालात में बंद कर दिया। इस बीच साथी अधिवक्ताओं और भाजपा नेताओं को सूचना मिली, तो सभी थाने पहुंच गए और तत्काल सेंगर को रिहा करने की मांग करने लगे। जवाहरनगर क्षेत्र के पार्षद आलोक पांडेय ने कहा कि चौकी इंचार्ज शराब के नशे में धुत है।
थाना घेर कर हंगामा और नारेबाजी की
वह सभी से बदसूकी कर रहे हैं। इंस्पेक्टर बजरिया को सूचना दी गई, जो उस समय उच्चाधिकारियों के पास गए हुए थे। सुनवाई न होता देख अधिवक्ता और भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाना घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच एसीपी सीसामऊ शिखर मौके पर पहुंच गए और सभी को समझाने का प्रयास किया।