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कानपुर: नवाबगंज में प्रॉपर्टी विवाद में अधिवक्ता राजाराम की हुई थी हत्या, पुलिस को गुमराह करता रहा आरोपी

Wed, 12 Jan 2022 05:39 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Wed, 12 Jan 2022 05:39 PM IST
सार

अधिवक्ता राजाराम वर्मा हत्याकांड में सरेंडर कर जेल गए मुख्य साजिशकर्ता रामखिलावन के बयान पुलिस ने मंगलवार को जेल में जाकर दर्ज किए।कुछ सवालों में वह फंस गया। प्रॉपर्टी विवाद में ही उसने हत्याकांड को अंजाम दिलाया।

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Advocate Rajaram was murdered in a property dispute, the accused kept misleading the police
कानपुर: अधिवक्ता राजाराम की गोली मारकर हुई थी हत्या - फोटो : amar ujala

विस्तार

अधिवक्ता राजाराम वर्मा हत्याकांड में सरेंडर कर जेल गए मुख्य साजिशकर्ता रामखिलावन के बयान पुलिस ने मंगलवार को जेल में जाकर दर्ज किए। इस दौरान वह विवेचक के सवालों से बचता रहा, उन्हें गुमराह करता रहा। हालांकि कुछ सवालों में वह फंस गया। जिससे आशंका पुख्ता हो रही है कि प्रॉपर्टी विवाद में ही उसने हत्याकांड को अंजाम दिलाया।
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नवाबगंज की गंगा नगर हाउसिंग सोसाइटी में 22 दिसंबर की शाम को राजाराम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने वारदात का खुलासा कर सुपारी लेने वाले अंकित यादव शूटर दिलनाज व रोहित को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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पुलिस ने दावा किया था कि सुपारी नवाबगंज निवासी रामखिलावन ने दी है। इस बीच रामखिलावन एक अन्य केस में कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया था। मंगलवार को पुलिस ने जब रामखिलावन के बयान लिए तो वह साजिश में शामिल होने से इनकार करता रहा।
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उसका कहना था कि वारदात से उसका कोई कनेक्शन नहीं है। वह कई बार पुलिस को गुमराह करने का भी प्रयास किया। मगर कुछ जवाब ऐसे दिए जिससे पुलिस को स्पष्ट हुआ कि प्रॉपर्टी की वजह से उसने साजिश रची। सुपारी दी और राजाराम की हत्या करवा दी।

क्योंकि राजाराम की हत्या से उनकी आधी प्रॉपर्टी रामखिलावन के दो अधिवक्ताओं के नाम होनी थी। जिसका एग्रीमेंट भी हो चुका था। इसमें उसको करोड़ों का फायदा होता। यह पुलिस का दावा है। एसीपी स्वरूपनगर व्रज नारायण सिंह ने बताया कि मामले की तफ्तीश जारी है।


अभी तक एनआरआई सिटी के मालिकों के खिलाफ  कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। नामजद आरोपी राजबहादुर की भूमिका भी जांची जा रही है। एक करीबी शख्स आरोपी बन सकता है। उसके खिलाफ  साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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