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फर्रुखाबाद: लापरवाही व अनुशासनहीनता में एडीपीआरओ निलंबित, ये है पूरा मामला
Wed, 24 Feb 2021 11:04 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 24 Feb 2021 11:04 PM IST
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अमित कुमार त्यागी
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद जिले में मुख्य विकास अधिकारी व डीएम से पंगा लेना एडीपीआरओ को भारी पड़ गया। डीएम की संस्तुति पर आखिरकार अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने एडीपीआरओ (तत्कालीन प्रभारी डीपीआरओ) अमित कुमार त्यागी को निलंबित कर दिया है।
एडीपीआरओ पर शौचालय निर्माण की जांच में दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई न करने, गबन की गई धनराशि जिला स्वच्छता समिति के खाते की बजाय ग्राम निधि खाते में जमा कराने, शौचालय निर्माण के मूल्यांकन में रुचि न लेने, गुणवत्ता पर ध्यान न देने, डीएम व सीडीओ को सूचित किए बिना जांच आख्या दबाकर अनुशासनहीनता के आरोप हैं।
ग्राम पंचायतों के मामले सीडीओ को प्रस्तुत न कर सीधे डीएम को देने, महिलाओं का उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण देने के मामले में भी दोषी पाया गया है। अपर मुख्य सचिव ने एडीपीआरओ को निलंबन अवधि में पंचायतीराज निदेशालय से संबद्ध करते हुए उपनिदेशक आगरा मंडल को जांच अधिकारी नामित किया है।
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एक माह में जांच पूरी करनी होगी। विदित है कि तैनाती से पूर्व के मामलों में सीडीओ डॉ.राजेंद्र पैंसिया की रिपोर्ट पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने एडीपीआरओ को कार्यमुक्त कर निलंबन की संस्तुति की थी। पंचायती राज निदेशक किंजल सिंह ने डीएम को अपना आदेश निरस्त करते हुए एडीपीआरओ को जिले में ही कार्यभार ग्रहण कराने के आदेश दिए थे।
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एडीपीआरओ पर शौचालय निर्माण की जांच में दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई न करने, गबन की गई धनराशि जिला स्वच्छता समिति के खाते की बजाय ग्राम निधि खाते में जमा कराने, शौचालय निर्माण के मूल्यांकन में रुचि न लेने, गुणवत्ता पर ध्यान न देने, डीएम व सीडीओ को सूचित किए बिना जांच आख्या दबाकर अनुशासनहीनता के आरोप हैं।
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ग्राम पंचायतों के मामले सीडीओ को प्रस्तुत न कर सीधे डीएम को देने, महिलाओं का उत्पीड़न करने वालों को संरक्षण देने के मामले में भी दोषी पाया गया है। अपर मुख्य सचिव ने एडीपीआरओ को निलंबन अवधि में पंचायतीराज निदेशालय से संबद्ध करते हुए उपनिदेशक आगरा मंडल को जांच अधिकारी नामित किया है।
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एक माह में जांच पूरी करनी होगी। विदित है कि तैनाती से पूर्व के मामलों में सीडीओ डॉ.राजेंद्र पैंसिया की रिपोर्ट पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने एडीपीआरओ को कार्यमुक्त कर निलंबन की संस्तुति की थी। पंचायती राज निदेशक किंजल सिंह ने डीएम को अपना आदेश निरस्त करते हुए एडीपीआरओ को जिले में ही कार्यभार ग्रहण कराने के आदेश दिए थे।