BAMCEF: बामसेफ के राज्य अधिवेशन पर लगी थी रोक, आक्रोशित कार्यकर्ताओं का धरना, उत्तर प्रदेश बंद का आह्वान
बामसेफ नेता बामन मेश्राम के कार्यक्रम और सभा पर माहौल बिगड़ने के डर से रोक लगा दी गई थी। इसको लेकर कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। बवाल की आशंका को देखते हुए, दक्षिण जोन का फोर्स और आरआरएफ की टीम मौके पर बुलाई गई।
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कानपुर में गोविंदनगर स्थित एक गेस्ट हाउस में रविवार को बामसेफ संगठन के राज्य अधिवेशन पर पुलिस ने धारा 144 का हवाला देते हुए रोक लगा दी। इससे खफा कार्यकर्ताओं ने गेस्ट हाउस के बाहर ही अनिश्चितकालीन धरना दे दिया। बवाल बढ़ने की आशंका को लेकर दक्षिण जोन का फोर्स व आरआरएफ मौके पर बुला ली गई।
कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर आवाज दबाने का आरोप लगाया है। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार चौधरी राम सुरेश वर्मा ने कहा कि बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बामन मेश्राम को कार्यक्रम में शामिल होने आना था लेकिन पुलिस ने उन्हें आने से मना कर दिया।
वहीं, पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम की अनुमति नहीं ली गई थी और न ही वामन के आने की सूचना नहीं दी गई थी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बामन से डर कर प्रशासन ने उन्हें आने से रोका है। ये संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन है। कार्यकर्ताओं ने ऐलान किया कि यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा और सोमवार इसके विरोध में उतर प्रदेश बंद किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं ने यह भी मांग की कि जब तक गोविंदनगर इंस्पेक्टर रोहित तिवारी को सस्पेंड नहीं किया जाता तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। साथ ही एक सितंबर को भी भारत बंद का आह्वाहन किया। बवाल बढ़ने की आशंका के चलते कई टुकड़ियों में फोर्स तैनात की गई है और गेस्ट हाउस के बाहर मेन रोड पर बैरिकेडिंग लगा दी गई है।
वहीं पुलिस ने कार्यक्रम संयोजक छेदी खोटे व राष्ट्रीय प्रभारी गौतम बंसोड़े को हिरासत में लिया। एडीसीपी साउथ मनीष सोनकर ने बताया कि बामसेफ संगठन ने जब कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं ली और न ही बामन मेश्राम के आने की कोई सूचना दी थी। जब यह पता लगा कि बामन मेश्राम आ रहे हैं, तब उनपर रोक लगाई गई है।
इधर पुलिस के काफी समझाने के बाद कार्यक्रम संयोजक छेदी खोटे ने सभी को शांत करा कर अपने अपने जिले जाने की बात कही, तो कार्यकर्ताओं ने कहा कि पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए राष्ट्रीय प्रभारी गौतम बंसोड़े को जब तक छोड़ा नहीं जाएगा तब तक यह धरना समाप्त नहीं होगा। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रिहा किया तब जाकर धरना समाप्त हुआ।