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Kanpur: उर्सला में मानक विहीन इंजेक्शन मिलने के मामले में दवा सप्लाई करने वाली कंपनी पर होगी कार्रवाई
Mon, 22 Jul 2024 11:51 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 22 Jul 2024 11:51 AM IST
सार
Kanpur News: उर्सला अस्पताल में मानक विहीन इंजेक्शन मिलने के मामले में दवा सप्लाई करने वाली कंपनी का ब्योरा मांगा गया है। आज इंजेक्शन वापस होंगे। साथ ही कंपनी पर कार्रवाई की तैयारी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
उर्सला में मानक विहीन दवा मिलने के मामले में अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन को नोटिस भेजकर दवा सप्लाई करने वाली कंपनी का ब्योरा मांगा है। ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल ने बताया कि पत्र लिखकर जवाब तलब किया गया है। जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है और अस्पताल में सप्लाई पर भी रोक दी गई है।
बता दें, 19 अप्रैल को ड्रग विभाग की टीम ने उर्सला अस्पताल से 13 दवाओं के सैंपल लिए थे। इसमें हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला स्थित एएनजी लाइफसाइंसेज की एमोक्सिसिलिन एवं पोटेशियम क्लैबुलैनेट इंजेक्शन 600 एमजी और उत्तराखंड के रूद्रपुर स्थित मैक्समेड लाइफसाइंसेज की एमोक्सिसिलिन एवं पोटेशियम क्लैवुलैनेट इंजेक्शन 1.2 ग्राम के नमूने एकत्र कर जांच को लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजा गया। 19 जुलाई को मिली रिपोर्ट में दोनों इंजेक्शनों में पोटेशियम क्लेकुलैनेट साल्ट कंपनी की ओर से किए दावे से काफी कम पाया गया। औषधि निरीक्षक रेखा सचान ने अस्पताल के निदेशक को पत्र लिखकर अवगत कराया व इस्तेमाल पर रोक लगा दी। माना जा रहा है कि कंपनी का ब्योरा मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
आज वापस होंगे मानक विहीन इंजेक्शन
उर्सला के निदेशक डॉ. एचडी अग्रवाल ने बताया कि नवंबर में कारपोरेशन से ये इंजेक्शन आए थे। करीब 600 मरीजों के ये इंजेक्शन लग चुके हैं। रिपोर्ट की सूचना मिलते ही इसे अस्पताल में रोक दिया गया है। सोमवार को बचे हुए इंजेक्शन वापस कर दिए जाएंगे। अभी तक दवाई से किसी भी मरीज को कोई दिक्कत नहीं हुई है।
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बता दें, 19 अप्रैल को ड्रग विभाग की टीम ने उर्सला अस्पताल से 13 दवाओं के सैंपल लिए थे। इसमें हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला स्थित एएनजी लाइफसाइंसेज की एमोक्सिसिलिन एवं पोटेशियम क्लैबुलैनेट इंजेक्शन 600 एमजी और उत्तराखंड के रूद्रपुर स्थित मैक्समेड लाइफसाइंसेज की एमोक्सिसिलिन एवं पोटेशियम क्लैवुलैनेट इंजेक्शन 1.2 ग्राम के नमूने एकत्र कर जांच को लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजा गया। 19 जुलाई को मिली रिपोर्ट में दोनों इंजेक्शनों में पोटेशियम क्लेकुलैनेट साल्ट कंपनी की ओर से किए दावे से काफी कम पाया गया। औषधि निरीक्षक रेखा सचान ने अस्पताल के निदेशक को पत्र लिखकर अवगत कराया व इस्तेमाल पर रोक लगा दी। माना जा रहा है कि कंपनी का ब्योरा मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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आज वापस होंगे मानक विहीन इंजेक्शन
उर्सला के निदेशक डॉ. एचडी अग्रवाल ने बताया कि नवंबर में कारपोरेशन से ये इंजेक्शन आए थे। करीब 600 मरीजों के ये इंजेक्शन लग चुके हैं। रिपोर्ट की सूचना मिलते ही इसे अस्पताल में रोक दिया गया है। सोमवार को बचे हुए इंजेक्शन वापस कर दिए जाएंगे। अभी तक दवाई से किसी भी मरीज को कोई दिक्कत नहीं हुई है।
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