{"_id":"5d5458308ebc3e6cc92d7c97","slug":"action-kanpur-news-knp507604034","type":"story","status":"publish","title_hn":"वृद्धाश्रम के मैनेजर सहित तीन कर्मियों","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वृद्धाश्रम के मैनेजर सहित तीन कर्मियों
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भरथना (इटावा)। क्षेत्र के वृद्धाश्रम में बुधवार दोपहर जांच को पहुंचे सीडीओ को खामियां मिलीं। अभिलेख अपूर्ण थे, पंजीकृत वृद्धों की संख्या भी कम मिली। यहां तक वृद्धाश्रम को दी जा रही धनराशि किसी के निजी खाते में जा रही थी। खफा सीडीओ ने वृद्धाश्रम के मैनेजर, अकाउंटेंट और एक कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश थाना प्रभारी को दिए हैं।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे कस्बे के श्रीनाथ गेस्ट हाउस में संचालित वृद्धाश्रम की जांच के लिए सीडीओ आर गणपति राजा पहुंचे। यहां पर उन्हें 26 वृद्ध मिलें, जबकि 78 वृद्धजनों का पंजीकरण है। वृद्धाश्रम में मौजूद मैनेजर और अकाउंटेंट से सभी दस्तावेज मांगे तो वे आनाकानी करने लगे। इस पर सीडीओ ने उन्हें झड़प दिया।
बाद में दस्तावेज अपूर्ण मिलने पर कार्मचारी बहाने बनाने लगे। जांच के दौरान कैशबुक, लेजर, रजिस्टर सहित कई अभिलेख अधूरे थे। जांच में यह भी बात सामने आई कि वृद्धाश्रम को मिल रही धनराशि किसी व्यक्ति के निजी खाते में जा रही है।
विज्ञापन
इसके बाद सीडीओ ने वहां मौजूद वृद्धों से व्यवस्था के बारे में जानकारी की। इस दौरान वृद्धों ने कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। साथ ही यह भी बताया कि उन्हें दवाएं तक मुहैया नहीं कराई जाती हैं। इस पर सीडीओ ने मैनेजर, अकाउंटेंट और एक कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए थाना प्रभारी को निर्देश दिए।
विज्ञापन
बुधवार दोपहर करीब एक बजे कस्बे के श्रीनाथ गेस्ट हाउस में संचालित वृद्धाश्रम की जांच के लिए सीडीओ आर गणपति राजा पहुंचे। यहां पर उन्हें 26 वृद्ध मिलें, जबकि 78 वृद्धजनों का पंजीकरण है। वृद्धाश्रम में मौजूद मैनेजर और अकाउंटेंट से सभी दस्तावेज मांगे तो वे आनाकानी करने लगे। इस पर सीडीओ ने उन्हें झड़प दिया।
विज्ञापन
बाद में दस्तावेज अपूर्ण मिलने पर कार्मचारी बहाने बनाने लगे। जांच के दौरान कैशबुक, लेजर, रजिस्टर सहित कई अभिलेख अधूरे थे। जांच में यह भी बात सामने आई कि वृद्धाश्रम को मिल रही धनराशि किसी व्यक्ति के निजी खाते में जा रही है।
विज्ञापन
इसके बाद सीडीओ ने वहां मौजूद वृद्धों से व्यवस्था के बारे में जानकारी की। इस दौरान वृद्धों ने कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। साथ ही यह भी बताया कि उन्हें दवाएं तक मुहैया नहीं कराई जाती हैं। इस पर सीडीओ ने मैनेजर, अकाउंटेंट और एक कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए थाना प्रभारी को निर्देश दिए।