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UP: पासपोर्ट अफसर पर शिकंजा कसना एसीपी त्रिपुरारी को पड़ा भारी!, चंद घंटे में हुआ तबादला
Tue, 26 Jul 2022 09:05 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 26 Jul 2022 09:05 AM IST
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एसीपी त्रिपुरारी पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
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एसीपी त्रिपुरारी पांडेय का चंद घंटे में तबादला, रिलीविंग और ज्वाइनिंग के पीछे एक और बड़ी वजह हो सकती है। दरअसल वह फर्जीवाड़ा कर बनाए गए पासपोर्ट मामले की जांच कर रहे थे, जिसमें एक पासपोर्ट अफसर फंसा है। उसको आरोपी बना एसीपी नोटिस पर नोटिस भेज रहे थे। पासपोर्ट अफसर लगातार पैरवी में जुटा है।
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आशंका है कि त्रिपुरारी पांडेय के तबादले के पीछे यह एक वजह भी हो सकती है। कर्नलगंज पुलिस ने जनवरी में फर्जी दस्तावेजों पर असली पासपोर्ट बनवाने के वाले गिरोह का राज फाश किया था। वर्तमान में तीन आरोपी जेल में बंद है। मामले में कानपुर पासपोर्ट सेवा केंद्र पर तैनात रहे शैलेंद्र सिन्हा की भूमिका सामने आई थी।
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पुलिस ने उनको भी केस में आरोपी बनाया था। मामले की विवेचना त्रिपुरारी पांडेय कर रहे थे। शैलेंद्र कई बड़े अफसरों से पैरवी करवा रहा था। इधर एसीपी ने तीन बार उसको नोटिस भेजा था। वर्तमान में शैलेंद्र चंडीगढ़ पासपोर्ट कार्यालय में तैनात है। पहले भी शैलेंद्र एक आईपीएस समेत तीन चार अफसरों से पैरवी करवा चुका था।
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आशंका है कि उसी ने इस संबंध में किसी के जरिये त्रिपुरारी पांडेय की शिकायत कराई। वहीं, नई सड़क हिंसा की विवेचना संबंधी भी कुछ शिकायतें पहुंची थीं। इन्हीं कारणों से उन्हें अटाया गया। शैलेंद्र सिन्हा अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। तीस जुलाई को अर्जी पर सुनवाई है।