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आचार्यश्री के स्वागत में बिछाए फूल
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 19 Jan 2015 02:25 AM IST
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आचार्यश्री महाश्रमण के स्वागत में शहरवासियों ने श्रद्धा के फूल बिछाए। धवल सेना संग पधारे आचार्यश्री की शोभायात्रा घंटाघर से शुरू हुई।
जैसे-जैसे कारवां बढ़ा आचार्यश्री से आशीर्वाद लेने के लिए लोगों की भीड़ भी बढ़ती रही। इसमें हर वर्ग हर संप्रदाय के लोग जुडे़।
दो घंटे के बाद शोभायात्रा आनंदपुरी जैन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। इसी के साथ मर्यादा महोत्सव शुरू हो गया। रविवार सुबह 10 बजे घंटाघर पर आचार्यश्री का स्वागत किया गया।
टाटमिल चौराहे पर तिरंगा अगरबत्ती के नरेंद्र शर्मा ने स्वागत किया। ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे पर कटारिया ट्रांसपोर्ट के महेंद्र कटारिया, डॉ.अनूप जैन, मनीष जैन आदि ने स्वागत किया।
‘पहले शहर को नशा मुक्त कराएं’
जैन मंदिर आनंदपुरी पहुंचने पर आचार्यश्री महाश्रमण को महापौर जगतवीर सिंह द्रोण और पूर्व कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने शहर की प्रतीकात्मक चाभी सौंपते हुए कहा कि अब यह शहर आपके हवाले है।
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इस पर आचार्यश्री महाश्रमण ने कहा कि यह शहर आपका ही है। यहां पर नशा करने वालों की बड़ी संख्या है। इसलिए पहले आप दोनों शहर को नशे से मुक्ति दिलाएं।
यहां की जनता को नैतिकता का पाठ पढ़ाएं। यह तभी संभव है जब इसकी चाबी आपके पास होगी। मैं तो संत हूं। इस चाभी का मैं क्या करूंगा? आज यहां पर कल कहीं और जाऊंगा।
कार्यक्षेत्र में ईमानदारी की देवी से होगी उन्नति
आनंदपुरी में आचार्यश्री ने कहा कि घर, दुकान में देवी-देवताओं की प्रतिमा या फोटो हो या न हों, लेकिन आपके प्रतिष्ठानों एवं कार्यक्षेत्र में ईमानदारी की देवी अवश्य प्रतिष्ठित होनी चाहिए।
तभी जीवन और मानवता के शिखर पर पहुंच सकते हैं। कहा कि नशा एक बड़ी और ज्वलंत समस्या है, इसलिए अहिंसा यात्रा में नशामुक्ति पर प्रमुखता से जोर दिया जा रहा है।
लोगों को नशामुक्त करने के लिए संकल्प पत्र भी भरवाया जा रहा है।
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जैसे-जैसे कारवां बढ़ा आचार्यश्री से आशीर्वाद लेने के लिए लोगों की भीड़ भी बढ़ती रही। इसमें हर वर्ग हर संप्रदाय के लोग जुडे़।
दो घंटे के बाद शोभायात्रा आनंदपुरी जैन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। इसी के साथ मर्यादा महोत्सव शुरू हो गया। रविवार सुबह 10 बजे घंटाघर पर आचार्यश्री का स्वागत किया गया।
टाटमिल चौराहे पर तिरंगा अगरबत्ती के नरेंद्र शर्मा ने स्वागत किया। ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे पर कटारिया ट्रांसपोर्ट के महेंद्र कटारिया, डॉ.अनूप जैन, मनीष जैन आदि ने स्वागत किया।
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‘पहले शहर को नशा मुक्त कराएं’
जैन मंदिर आनंदपुरी पहुंचने पर आचार्यश्री महाश्रमण को महापौर जगतवीर सिंह द्रोण और पूर्व कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने शहर की प्रतीकात्मक चाभी सौंपते हुए कहा कि अब यह शहर आपके हवाले है।
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इस पर आचार्यश्री महाश्रमण ने कहा कि यह शहर आपका ही है। यहां पर नशा करने वालों की बड़ी संख्या है। इसलिए पहले आप दोनों शहर को नशे से मुक्ति दिलाएं।
यहां की जनता को नैतिकता का पाठ पढ़ाएं। यह तभी संभव है जब इसकी चाबी आपके पास होगी। मैं तो संत हूं। इस चाभी का मैं क्या करूंगा? आज यहां पर कल कहीं और जाऊंगा।
कार्यक्षेत्र में ईमानदारी की देवी से होगी उन्नति
आनंदपुरी में आचार्यश्री ने कहा कि घर, दुकान में देवी-देवताओं की प्रतिमा या फोटो हो या न हों, लेकिन आपके प्रतिष्ठानों एवं कार्यक्षेत्र में ईमानदारी की देवी अवश्य प्रतिष्ठित होनी चाहिए।
तभी जीवन और मानवता के शिखर पर पहुंच सकते हैं। कहा कि नशा एक बड़ी और ज्वलंत समस्या है, इसलिए अहिंसा यात्रा में नशामुक्ति पर प्रमुखता से जोर दिया जा रहा है।
लोगों को नशामुक्त करने के लिए संकल्प पत्र भी भरवाया जा रहा है।