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Bikru Case: माती जेल की बैरक में करवट बदलते कटी खुशी की रात
Mon, 27 Sep 2021 06:00 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 27 Sep 2021 06:00 PM IST
सार
खुशी दुबे को घटना के बाद गिरफ्तार कर माती जेल की महिला बैरक में दो महीने तक रखा गया था, लेकिन किशोर न्याय बोर्ड से नाबालिग होने की पुष्टि के बाद उसे बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया। बालिग होने पर खुशी का ठिकाना फिर से महिला बैरक बन गया है।
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बिकरू कांड: आरोपी खुशी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिकरू कांड के बाद पुलिस मुठभेड़ में ढेर आरोपी अमर दुबे की पत्नी खुशी की रात करवट बदलते कटी। तरोई की सब्जी, रोटी और चावल खाने के बाद उसे बैरक में भेज दिया गया था। सुबह भी उसने बैरक की अन्य महिला बंदियों से बात नहीं की।
जेलर कुश कुमार ने बताया कि महिला बैरक में खुशी सामान्य है। रविवार को उसे सुबह की चाय, दोपहर व शाम का भोजन दिया गया। बालिग होने पर खुशी को बाराबंकी के किशोरी संरक्षण गृह से माती जेल शिफ्ट किया गया है।
पहले भी दो महीने खुशी का ठिकाना रही महिला बैरक
खुशी दुबे को घटना के बाद गिरफ्तार कर माती जेल की महिला बैरक में दो महीने तक रखा गया था, लेकिन किशोर न्याय बोर्ड से नाबालिग होने की पुष्टि के बाद उसे बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया। बालिग होने पर खुशी का ठिकाना फिर से महिला बैरक बन गया है।
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जेलर कुश कुमार ने बताया कि महिला बैरक में खुशी सामान्य है। रविवार को उसे सुबह की चाय, दोपहर व शाम का भोजन दिया गया। बालिग होने पर खुशी को बाराबंकी के किशोरी संरक्षण गृह से माती जेल शिफ्ट किया गया है।
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पहले भी दो महीने खुशी का ठिकाना रही महिला बैरक
खुशी दुबे को घटना के बाद गिरफ्तार कर माती जेल की महिला बैरक में दो महीने तक रखा गया था, लेकिन किशोर न्याय बोर्ड से नाबालिग होने की पुष्टि के बाद उसे बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया। बालिग होने पर खुशी का ठिकाना फिर से महिला बैरक बन गया है।
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