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अब्बास-निखत ‘जेलकांड’: निखत के आते ही गेट पर पहुंचते थे जेलर-डिप्टी जेलर, फिर वार्डर पहुंचाता था कमरे तक...

Sat, 11 Mar 2023 12:57 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 11 Mar 2023 12:57 AM IST
सार

विधायक अब्बास अंसारी और निखत बानो के मामले में होली के दो दिन तक जांच नहीं हो सकी। अब फिर से कार्रवाई शुरू हो गई है। एसआईटी को पूछताछ में पता चला है कि जेलर-डिप्टी जेलर निखत के आते ही गेट व बैरक के पास पहुंचते थे। इसके बाद चर्चित वार्डर कमरे तक लाने का काम संभालता था।

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Abbas and Nikhat  Jail Scandal, As soon as Nikhat arrived, the jailer-deputy jailer used to reach the gate
अब्बास और निखत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चित्रकूट जिला जेल प्रकरण को लेकर विवेचना होली के बाद फिर से शुरू हो गई है। एसआईटी ने एक माह दस दिन का जेल गेट से लेकर विधायक अब्बास अंसारी के बैरक के पास लगने वाली डयूटी का विवरण एकत्र किया है। इसके बाद ड्यूटी वाले अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की गई।

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इसमें यह सामने आया कि जिस दिन निखत के जेल में आने का समय होता था, तो गेट व बैरक के पास पहले से तैनात डयूटी वाले अधिकारी कर्मचारी के अलावा जेलर, चर्चित वार्डर व डिप्टी जेलर खुद गेट और बैरक के पास आ जाते थे।
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दस फरवरी को जिला जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के पुत्र विधायक अब्बास अंसारी से गैरकानूनी तरीके से मिलने के आरोप में उसकी पत्नी निखत बानो व सहयोगी चालक नियाज को पकड़ा गया था। नियमों का उल्लंघन करने व आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी के बाद से एसटीएफ व एसआईटी की जांच जारी है।

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दो दिन नहीं हो सकी विवेचना
इसमें जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर, वार्डर के अलावा निखत का सहयोग करने वाले सपा नेता व कैंटीन सप्लायर को पुलिस विवेचना के आधार पर जेल भेज चुकी है। होली में दो दिन तक मामले की विवेचना नहीं हो सकी, लेकिन टीम अन्य संदिग्ध वार्डर व कर्मचारियों का डाटा एकत्र किया गया।

कर्मचारियों का ड्यूअी चार्ट मांगा
 उनके मोबाइल की जांच की गई है। उनके ड्यूटी वाले स्थान पर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से जानकारी एकत्र की गई। बताया गया कि शुक्रवार को जांच टीम ने फिर से आगे की कार्रवाई शुरू की है। निखत के जेल में पति अब्बास से गैरकानूनी तरीके से मिलने के दौरान एक जनवरी से दस फरवरी के बीच तैनात कर्मचारियों का ड्यूटी चार्ट मांगा गया है।

निखत के आने पर पहुंचते थे जेलर-डिप्टी जेलर
 इन कर्मचारियों से पूरे मामले की जानकारी मांगी गई। सूत्रों के अनुसार कुछ कर्मचारियों ने बताया कि उनकी अलग-अलग दिनों में ड्यूटी लगती थी। इन्होंने बताया कि जब निखत या विधायक से मिलने कोई अन्य गैरकानूनी तरीके से आता था, तो दो घंटे के लिए इन स्थानों पर जेल के कुछ विशेष डिप्टी जेलर, वार्डर पहुंच जाते थे।

हिस्सेदारी मिलने के सवाल पर साध ली चुप्पी
 उनसे ड्यूटी पर चुप रहने की हिदायत दी जाती थी। इन कर्मचारियों ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इसमें हिस्सेदारी मिलने के सवाल पर चुप्पी साध ली। सूत्रों के अनुसार इनमें से कुछ ने बताया कि चर्चित वार्डर इस भूमिका में सबसे प्रमुख पार्ट निभाता था।

वार्डर का नाम लेने से घबरा रहे थे सभी
जेल के चर्चित वार्डर जगमोहन का दबदबा ऐसा था कि शुक्रवार को जब पूछताछ हो रही थी, तो कई कर्मचारी उसका नाम लेने से कतरा रहे थे। कुछ ने स्पष्ट कहा कि उसे जरूर कोई राजनैतिक संरक्षण था इसके कारण जेल के अधिकारी भी उसकी बात मान जाते थे।

गौरतलब है कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उसके बारे में जांच टीम ने माना है कि जिस दिन डीएम एसपी का जेल में छापा पड़ा था उस दिन यही वार्डर विधायक अब्बास को डिप्टी जेलर के कमरे से लेकर बैरक में पहुंचा दिया था।

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