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ऑनलाइन कोर्स के लिए आधार कार्ड होगा जरूरी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:37 AM IST
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डेमो
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) जल्द ही ऑनलाइन कोर्स के लिए नए नियम लागू करने वाला है। इसके लिए आयोग ने ऑनलाइन एजूकेशन रेगुलेशन 2017 का मसौदा तैयार किया है।
मसौदे के तहत सबसे अहम ऑनलाइन कोर्स करने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करना है। इससे छात्रों की सही संख्या के साथ उनकी पूरी डिटेल मिल सकेगी। यही नहीं ऑनलाइन कोर्स की गुणवत्ता पर भी खास ख्याल रखा जाएगा। रेगुलेशन में इसका भी प्रस्ताव है। जिसके मुताबिक ऑनलाइन कोर्स संचालित करने वाले संस्थान को हर साल थर्ड पार्टी से ऑडिट कराना होगा।
आयोग ने मसौदा तैयार कर 18 अगस्त तक प्रतिक्रियाएं और सुझाव मांगे हैं। पांच साल पुराने विवि ही चलाएं कोर्स रेगुलेशन में कहा गया है कि कम से कम पांच साल पुराने विश्वविद्यालय ही ऑनलाइन कोर्स शुरू कर सकेंगे। विश्वविद्यालयों को इस तरह के कोर्स संचालित करने के लिए नैक द्वारा 4 में से कम से कम 3.25 प्वाइंट का स्कोर हासिल करना जरूरी है।
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यूजीसी से लेनी पड़ेगी अनुमति आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन कोर्स संचालित करने से पहले विश्वविद्यालयों को उनसे अनुमति लेनी पड़ेगी। विश्वविद्यालय वही ऑनलाइन कोर्स संचालित कर सकते हैं जिन्हें वह नियमित कक्षाओं के जरिए चला रहे हैं। होगी ऑनलाइन परीक्षा यूजीसी के रेगुलेशन के अनुसार ऑनलाइन कोर्सेज की पढ़ाई के लिए छात्रों को ऑडियो-विजुअल लेक्चर और लिखित सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा इन कोर्सेज की परीक्षा भी पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। छात्रों को परीक्षा देने के लिए निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा।
- यूजीसी ने ‘ऑनलाइन एजूकेशन रेगुलेशन 2017’ पर मांगा सुझाव
- 18 अगस्त तक दे सकते हैं प्रतिक्रिया
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मसौदे के तहत सबसे अहम ऑनलाइन कोर्स करने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करना है। इससे छात्रों की सही संख्या के साथ उनकी पूरी डिटेल मिल सकेगी। यही नहीं ऑनलाइन कोर्स की गुणवत्ता पर भी खास ख्याल रखा जाएगा। रेगुलेशन में इसका भी प्रस्ताव है। जिसके मुताबिक ऑनलाइन कोर्स संचालित करने वाले संस्थान को हर साल थर्ड पार्टी से ऑडिट कराना होगा।
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आयोग ने मसौदा तैयार कर 18 अगस्त तक प्रतिक्रियाएं और सुझाव मांगे हैं। पांच साल पुराने विवि ही चलाएं कोर्स रेगुलेशन में कहा गया है कि कम से कम पांच साल पुराने विश्वविद्यालय ही ऑनलाइन कोर्स शुरू कर सकेंगे। विश्वविद्यालयों को इस तरह के कोर्स संचालित करने के लिए नैक द्वारा 4 में से कम से कम 3.25 प्वाइंट का स्कोर हासिल करना जरूरी है।
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यूजीसी से लेनी पड़ेगी अनुमति आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन कोर्स संचालित करने से पहले विश्वविद्यालयों को उनसे अनुमति लेनी पड़ेगी। विश्वविद्यालय वही ऑनलाइन कोर्स संचालित कर सकते हैं जिन्हें वह नियमित कक्षाओं के जरिए चला रहे हैं। होगी ऑनलाइन परीक्षा यूजीसी के रेगुलेशन के अनुसार ऑनलाइन कोर्सेज की पढ़ाई के लिए छात्रों को ऑडियो-विजुअल लेक्चर और लिखित सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा इन कोर्सेज की परीक्षा भी पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। छात्रों को परीक्षा देने के लिए निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा।
- यूजीसी ने ‘ऑनलाइन एजूकेशन रेगुलेशन 2017’ पर मांगा सुझाव
- 18 अगस्त तक दे सकते हैं प्रतिक्रिया