Kanpur: गड्ढे ने ली केंद्रीय विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य की जान, घर से बिठूर के आश्रम जाने के लिए निकले थे
Kanpur News: ई-रिक्शा चालक के मुताबिक, सड़क बहुत खराब है। वहां से निकलते समय काफी हिचकोले लगते हैं। ऐसे में बचने के लिए ज्यादातर सवारियां ई-रिक्शा में लगे हत्थे को पकड़ लेती हैं। हालांकि, जिस समय हादसा हुआ, बुजुर्ग ने हत्था नहीं पकड़ा था और गड्ढे में पहिया जाने से वह असंतुलित होकर बाहर गिर पड़े।
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कानपुर शहर की खस्ताहाल सड़कों के गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। सोमवार को गड्ढे ने केंद्रीय विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य की जान ले ली। वह रविवार दोपहर जूही स्थित घर से बिठूर के आश्रम जाने के लिए निकले थे। जूही में आर्य समाज मंदिर के सामने गड्ढे पर ई-रिक्शा का पहिया जाने से अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर पड़े। गंभीर हालत में हैलट में भर्ती कराया गया। वहां सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
जूही-हमीरपुर रोड पर अनुपम टॉकीज से श्याम पैलेस के बीच की दोनों ओर की सड़क मेट्रो निर्माण के चलते जर्जर हो गई हैं। यहां पर बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। यहां अक्सर वाहनों के पहिये फंस जाते हैं। सबसे ज्यादा समस्या दोपहिया वाहन चालकों को आती हैं। गाड़ी गिरने से कई बार लोग चुटहिल हो चुके हैं। जूही बारादेवी मंदिर के पास रहने वाले मुन्नालाल (61) अरुणाचल प्रदेश के केंद्रीय विद्यालय से प्रधानाचार्य पद से पिछले वर्ष सेवानिवृत्त हुए थे। वह रविवार दोपहर बिठूर के सिंहपुर स्थित राधास्वामी आश्रम जाने के लिए निकले।
उपचार के दौरान हो गई मौत
इसके लिए वह जूही से अफीम कोठी जाने वाले ई-रिक्शा पर बैठ गए। आर्य समाज मंदिर के सामने अचानक ई-रिक्शा का पहिया एक गहरे गड्ढे में चला गया और एक तरफ को झुक गया। किनारे की ओर बैठे मुन्नालाल सड़क पर जा गिरे। इससे उनके सिर और सीने पर गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उनकी तलाशी ली तो पास मोबाइल मिला। उसी मोबाइल से पत्नी अनीता को सूचना देने के साथ ही उन्हें हैलट में भर्ती कराया। वहां सोमवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। जूही थाना प्रभारी मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।
हाथ पर चोट के कारण हत्था पकड़कर नहीं बैठे थे
ई-रिक्शा चालक के मुताबिक, सड़क बहुत खराब है। वहां से निकलते समय काफी हिचकोले लगते हैं। ऐसे में बचने के लिए ज्यादातर सवारियां ई-रिक्शा में लगे हत्थे को पकड़ लेती हैं। हालांकि, जिस समय हादसा हुआ, बुजुर्ग ने हत्था नहीं पकड़ा था और गड्ढे में पहिया जाने से वह असंतुलित होकर बाहर गिर पड़े। परिजनों के मुताबिक, कुछ साल पहले बुजुर्ग के बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। इस वजह से हाथ में ज्यादा जोर नहीं लगता था। अनुमान है कि इसी कारण वह ई-रिक्शे का हत्था पकड़कर नहीं बैठे होंगे।
जनवरी 2024 में हुए थे रिटायर्ड
मुन्नालाल गुप्ता अरुणाचल प्रदेश में केंद्रीय विद्यालय में प्रधानाचार्य रहे। जनवरी-2024 में वह सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार में पत्नी अनीता और चार बच्चे अनिमेष, अक्षय, प्रीति और अर्पण हैं। इलाज के दौरान पिता की मौत की खबर सुनकर अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। देर शाम उनका दाह संस्कार कर दिया गया।
गड्ढों ने पहले भी ली हैं जानें
- अक्तूबर 2024 को दादानगर में स्कूटी गड्ढे में जाने से अकाउंटेंट अर्जुन पांडेय की जान चली गई थी।
- दिसंबर 2023 को किदवईनगर शनिदेव मंदिर के सामने नगर निगम के खोदे गए गड्ढे में स्कूटी सवार केतन वर्मा गिर गए थे। इससे इनकी माैत हो गई थी। ये इटावा स्टेशन पर कैंटीन चलाते थे। ये इटावा के पुरबिया टोला निवासी थे। ये शादी में आए थे।
- अक्तूबर 2011 को जगईपुरवा चौराहे के पास गड्ढे में बाइक का पहिया जाने से उसमें बैठी कुसुम की गिरने से मौत हो गई थी।