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Kanpur News: कन्नौज का होटल था 300 करोड़ की साइबर ठगी का कंट्रोल रूम
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कानपुर। बर्रा पुलिस को 300 करोड़ रुपये के साइबर ठगी नेटवर्क की जांच में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है। जांच में सामने आया है कि गिरोह कन्नौज के एक होटल को अपने कंट्रोल रूम के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था। यहीं बैठकर फर्जी बैंक खाते खुलवाने और रकम ट्रांसफर करने की साजिश रची जाती थी।
गिरोह का मास्टरमाइंड राजवीर सिंह यादव है जो फरार है। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। राजवीर अपने खास बैंक मैनेजरों और करीबियों से इसी होटल में मिलता था। उसने पहली बार सभी को बुलाते समय व्हाट्सएप पर लोकेशन साझा की थी। इस कंट्रोल रूम में वह सदस्यों को ठगी की साजिश रचने के लिए बुलाता था। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से लोकेशन शेयरिंग और व्हाट्सएप चैट मिली है।
बैंक ट्रांजेक्शन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। इन साक्ष्यों से पता चला है कि आखिरी बार आरोपियों ने 19 अप्रैल को इस होटल में मीटिंग की थी। वहीं, नए लोगों को धंधे में जोड़ने के लिए कंट्रोल रूम न बुलाकर नई जगह मीटिंग की जाती थी। जांच में कुछ नए लोगों को गूगल लोकेशन भेजकर नई जगह पर बुलाए जाने के साक्ष्य मिले हैं।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, होटल की बैठकों में म्यूल अकाउंट खोलने की साजिश रची जाती थी। ठगी की रकम को म्यूल खातों में घुमाया जाता था। एक्सिस बैंक कन्नौज के ऑपरेशनल हेड धर्मेंद्र सिंह इसमें शामिल थे। वहीं के डिप्टी मैनेजर अमित सिंह की भी मिलीभगत सामने आई है। सीबीएस बैंक स्वरूपनगर के ब्रांच मैनेजर अमित कुमार व यूनिटी स्मॉल बैंक फाइनेंस स्वरूपनगर के रिलेशनशिप मैनेजर आशीष कुमार भी इसमें शामिल थे।
पुलिस अब होटल के सीसीटीवी फुटेज और विजिटर रजिस्टर खंगाल रही है। कर्मचारियों से भी पूछताछ कर अन्य जुड़े लोगों का पता लगाया जा रहा है। फरार आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने के साथ ही डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि जांच के लिए टीमें कन्नौज भेजी गई हैं।
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गिरोह का मास्टरमाइंड राजवीर सिंह यादव है जो फरार है। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। राजवीर अपने खास बैंक मैनेजरों और करीबियों से इसी होटल में मिलता था। उसने पहली बार सभी को बुलाते समय व्हाट्सएप पर लोकेशन साझा की थी। इस कंट्रोल रूम में वह सदस्यों को ठगी की साजिश रचने के लिए बुलाता था। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से लोकेशन शेयरिंग और व्हाट्सएप चैट मिली है।
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बैंक ट्रांजेक्शन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। इन साक्ष्यों से पता चला है कि आखिरी बार आरोपियों ने 19 अप्रैल को इस होटल में मीटिंग की थी। वहीं, नए लोगों को धंधे में जोड़ने के लिए कंट्रोल रूम न बुलाकर नई जगह मीटिंग की जाती थी। जांच में कुछ नए लोगों को गूगल लोकेशन भेजकर नई जगह पर बुलाए जाने के साक्ष्य मिले हैं।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, होटल की बैठकों में म्यूल अकाउंट खोलने की साजिश रची जाती थी। ठगी की रकम को म्यूल खातों में घुमाया जाता था। एक्सिस बैंक कन्नौज के ऑपरेशनल हेड धर्मेंद्र सिंह इसमें शामिल थे। वहीं के डिप्टी मैनेजर अमित सिंह की भी मिलीभगत सामने आई है। सीबीएस बैंक स्वरूपनगर के ब्रांच मैनेजर अमित कुमार व यूनिटी स्मॉल बैंक फाइनेंस स्वरूपनगर के रिलेशनशिप मैनेजर आशीष कुमार भी इसमें शामिल थे।
पुलिस अब होटल के सीसीटीवी फुटेज और विजिटर रजिस्टर खंगाल रही है। कर्मचारियों से भी पूछताछ कर अन्य जुड़े लोगों का पता लगाया जा रहा है। फरार आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने के साथ ही डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि जांच के लिए टीमें कन्नौज भेजी गई हैं।