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Kanpur News: करोड़ों की आईटीसी लाभ लेने वाले गिरोह ने 100 से अधिक लोगों के दस्तावेज लिए

Fri, 06 Mar 2026 02:23 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Mar 2026 02:23 AM IST
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A gang that claimed crores of rupees worth of ITC benefits stole documents of over 100 people.
कानपुर। बोगस फर्म के सहारे करोड़ों का व्यापार दिखा इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने वाले गिरोह ने कानपुर और उन्नाव के 100 से अधिक लोगों के दस्तावेज जमा कराए हैं। यह जानकारी साइबर क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है। अब तक कुल 38 फर्जी फर्म में से नौ के बैंक खातों में 250 करोड़ का लेनदेन मिला है जबकि अन्य की 29 फर्म के ट्रांजेक्शन की डिटेल आनी है। इसके लिए चार निजी बैंकों को पत्र लिखा गया है। प्रारंभिक जांच में उन्नाव की बाइक एजेंसी में मार्केटिंग का कार्य करने वाले युवक का नाम सामने आया है। उसकी और पांच अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस दो आरोपियों को मंगलवार को जेल भेज चुकी है।
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नजीराबाद के आरके नगर निवासी अनुराग वर्मा से लोन दिलाने के नाम पर उन्नाव के कपिल मिश्रा और अमरदीप ने जनवरी 2026 में उसके दस्तावेज ले लिए। उनका गोविंदनगर की निजी बैंक में खाता खोला। अनुराग वर्मा ने फरवरी 2026 में बैंक जाकर लोन के रुपये आने की पूछताछ की। स्टाफ ने उन्हें बताया कि यह अकाउंट रुद्रा इंटरप्राइजेज के नाम से है। उसमें लाखों रुपये के लेनदेन हुए हैं। युवक को साइबर अपराध की आशंका हुई। उन्होंने नजीराबाद और साइबर क्राइम ब्रांच को मामले की जानकारी दी। खाते में 12 और फर्म से रुपये आए थे उनकी नकद निकासी की गई थी।
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जांच में पार्वती इंटरप्राइजेज फर्म का पता चला। इनमें 117 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ था। पुलिस को मुख्य फर्म होने की आशंका हुई। खाता धारक उन्नाव के उज्ज्वल को हिरासत में लिया तो चौंकाने वाले तथ्य मिले। वह बीए पास निकला। पिता के ई-रिक्शा चलाने की जानकारी हुई। उज्ज्वल को खाते और फर्म की जानकारी नहीं थी। कुछ दिन पहले उसने लोन के लिए दस्तावेज दिए थे। पुलिस और साइबर क्राइम ब्रांच ने दोनों से जानकारी जुटाकर उन्नाव के कपिल मिश्रा और राज उर्फ अमरदीप को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्नाव के ऋषभ शुक्ला, प्रथम और कानपुर के ऋषभ पांडेय, ऋषभ पटेल, रजत और साहिल के नाम सामने आए। साइबर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ऋषभ पांडेय कपिल मिश्रा की बुआ का बेटा है। वह उन्नाव की एक बाइक एजेंसी में मार्केटिंग का कार्य करता था। बाकी के आरोपी भी किसी न किसी मार्केटिंग लाइन से जुड़े हुए थे। उनका अक्सर बैंक आना जाना लगा रहता था। कपिल मिश्रा और अमरदीप खाता खुलवाना, फर्म बनवाना, किरायेदारीनामा कराने का कार्य करते थे। दोनों के पास से 30 मोबाइल फोन बरामद हुए थे। प्रारंभिक जांच में गिरोह लगभग 100 लोगों से बैंक, आधार, जमीन के कागजात, बिजली का बिल, ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी ले चुका है। उनकी बदौलत नए सिम और फर्म का पंजीयन कराया जाता है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। रुद्रा, पार्वती और अन्य फर्म के खाते के डेढ़ करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए गए हैं।
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50 के आसपास फर्म खुलने की आशंका

साइबर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, आईटीसी का लाभ काफी ज्यादा हो सकता है। अभी मिले साक्ष्यों में 50 के आसपास फर्म खुलने की आशंका है। 38 फर्म के दस्तावेज मिले हैं जबकि कुछ प्रक्रिया में होने की जानकारी हुई है। कुछ मकान मालिकों के घर और प्लॉट के कागजात मिले हैं। उनके नाम पर देखा जा रहा है कि उन्हें लोन मिला है कि नहीं या फिर उनके दस्तावेजों को खेल करने के लिए लगाया गया है। गिरोह में शामिल आरोपी दुकानों, घरों के कमरे को फर्म के कार्यालय के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। यह फर्म नौबस्ता, चकेरी, उन्नाव, बर्रा क्षेत्र में बनाई गई हैं।
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