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मंदिर ढहाने पर बवाल, पुलिस-तहसीलदार को पीटा
Kanpur
Updated Thu, 20 Sep 2012 12:00 PM IST
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बिल्हौर। कोतवाली क्षेत्र के घिमऊ गांव में बुधवार शाम ग्राम समाज की भूमि पर बने मंदिर को ढहाने पर जमकर बवाल हुआ। मंदिर को ढहाने से भड़की महिलाओं ने पुलिस और तहसीलदार पर पथराव कर दिया। उन्हें घरकर पीटा। इससे 5-6 पुलिसकर्मी चुटहिल हो गए। तहसीलदार को महिलाओं ने खदेड़ा लिया और जीप स्टार्ट न होने पर उन्हें पैदल ही भागना पड़ा। बाद में पहुंचे एसडीएम और सीओ के सामने भी महिलाओं ने पत्थर चलाए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को काबू किया और 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। विवादित जगह पर पीएसी तैनात कर दी गई है।
घिमऊ गांव के मजरा गड़रियनपुरवा में ग्राम समाज की भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। इस भूमि पर गांव के शिवनाथ आदि कब्जे का दावा करते हैं जबकि गड़रियन पुरवा के लोग वहां मंदिर के पक्षधर हैं। गांव की महिला रिंपी का आरोप है कि बुधवार शाम शिवलाल, शिवनाथ, छुन्नू, रामऔतार, ननकऊ, जयकरन, अरविंद, रमाकांत समेत दो दर्जन से अधिक लोग पुलिस को साथ लेकर आ धमके और उक्त मंदिर को ढहा दिया। विरोध करने पर पुलिस मारपीट पर आमादा हो गई। घटना से नाराज महिलाओं ने पुरुषों के साथ मिल कर मोरचा संभाला। पुलिस पर पत्थर चलाने शुरू कर दिए। तहसीलदार अनिल श्रीवास्तव पहुंचे तो महिलाओं ने उन्हें घेरकर पीटने का प्रयास किया। पथराव से बचने को वे जीप की ओर भागे लेकिन वह स्टार्ट नहीं हुई। ग्रामीणों ने जीप पर भी पथराव कर दिया तो तहसीलदार पैदल ही भागकर पुलिस की जीप तक पहुंचे। ग्रामीणों ने दारोगा नखड़ूराम सरोज, सिपाही रफीक, लेखपाल, तहसीलदार के गार्ड, दारोगा दिनेश पंाडे को घेरकर मारपीट शुरू कर दी। ग्रामीणों का आक्रोश देखकर ये लोग मौका पाकर भाग खड़े हुए। एसडीएम हंसराज ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। चौबेपुर में मौजूद सीओ बलरामाचारी दुबे शिवराजपुर, ककवन थाने की फोर्स लेकर गांव पहुंचे तो महिलाएं अड़ गईं और मंदिर ढहाने वालों की गिरफ्तारी व तत्काल मंदिर का निर्माण कराने की मांग करने लगी। एसडीएम और सीओ ने समझाने का प्रयास किया तो वह रस्सी लेकर पेड़ पर फांसी लगाने का प्रयास करने लगीं। पुलिस और ग्रामीणों के बीच बातचीत चल रही थी कि तभी महिलाओं ने पुलिस पर दोबारा पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। एसडीएम हंसराज ने बताया कि बवाल में गांव के जयकरन, रिंपी और अरविंद आदि शामिल थे। उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीओ का कहना है कि विवादित स्थल पर पीएसी तैनात कर दी गई है।
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घिमऊ गांव के मजरा गड़रियनपुरवा में ग्राम समाज की भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। इस भूमि पर गांव के शिवनाथ आदि कब्जे का दावा करते हैं जबकि गड़रियन पुरवा के लोग वहां मंदिर के पक्षधर हैं। गांव की महिला रिंपी का आरोप है कि बुधवार शाम शिवलाल, शिवनाथ, छुन्नू, रामऔतार, ननकऊ, जयकरन, अरविंद, रमाकांत समेत दो दर्जन से अधिक लोग पुलिस को साथ लेकर आ धमके और उक्त मंदिर को ढहा दिया। विरोध करने पर पुलिस मारपीट पर आमादा हो गई। घटना से नाराज महिलाओं ने पुरुषों के साथ मिल कर मोरचा संभाला। पुलिस पर पत्थर चलाने शुरू कर दिए। तहसीलदार अनिल श्रीवास्तव पहुंचे तो महिलाओं ने उन्हें घेरकर पीटने का प्रयास किया। पथराव से बचने को वे जीप की ओर भागे लेकिन वह स्टार्ट नहीं हुई। ग्रामीणों ने जीप पर भी पथराव कर दिया तो तहसीलदार पैदल ही भागकर पुलिस की जीप तक पहुंचे। ग्रामीणों ने दारोगा नखड़ूराम सरोज, सिपाही रफीक, लेखपाल, तहसीलदार के गार्ड, दारोगा दिनेश पंाडे को घेरकर मारपीट शुरू कर दी। ग्रामीणों का आक्रोश देखकर ये लोग मौका पाकर भाग खड़े हुए। एसडीएम हंसराज ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। चौबेपुर में मौजूद सीओ बलरामाचारी दुबे शिवराजपुर, ककवन थाने की फोर्स लेकर गांव पहुंचे तो महिलाएं अड़ गईं और मंदिर ढहाने वालों की गिरफ्तारी व तत्काल मंदिर का निर्माण कराने की मांग करने लगी। एसडीएम और सीओ ने समझाने का प्रयास किया तो वह रस्सी लेकर पेड़ पर फांसी लगाने का प्रयास करने लगीं। पुलिस और ग्रामीणों के बीच बातचीत चल रही थी कि तभी महिलाओं ने पुलिस पर दोबारा पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। एसडीएम हंसराज ने बताया कि बवाल में गांव के जयकरन, रिंपी और अरविंद आदि शामिल थे। उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीओ का कहना है कि विवादित स्थल पर पीएसी तैनात कर दी गई है।
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