बेहमई कांड में एक अभियुक्त को जमानत

Kanpur Updated Sun, 03 Jun 2012 12:00 PM IST
कानपुर। बहुचर्चित बेहमई कांड में एक अभियुक्त को शनिवार को जमानत मिल गई। वह 8 दिसंबर 2010 से रमाबाई नगर जेल में बंद है। इससे पहले भी उसे जमानत मिल गई थी लेकिन तारीख पर अदालत न आने पर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने पर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
14 फरवरी 1981 को रमाबाई नगर के बेहमई गांव में सामूहिक रूप से 22 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इसमें पहले चार लोगों डकैत फूलनदेवी, मुस्तकीम, रामऔतार और लल्लू को नामजद किया गया था। बाद में 30-35 अन्य लोग नामजद किए गए थे। फूलनदेवी, मुस्तकीम, लल्लू और रामऔतार की मौत हो चुकी है। फूलन गैंग का राम सिंह (निवासी मल्लाहनपुरवा रामपुरा जालौन) 8 दिसंबर 2010 से बेहमई की हत्या और डकैती मामले में रमाबाई नगर जेल में बंद है। शनिवार को एडीजे 7 रमाबाई नगर कोर्ट ने उसकी जमानत मंजूर कर ली। राम सिंह के अधिवक्ता गिरीश नारायण द्विवेदी ने बताया कि अदालत ने 30-30 हजार की दो जमानतों पर उसे रिहा करने का आदेश दिया है।
31 साल, 362 तारीखें, फैसला बाकी
डकैत लालाराम-श्रीराम से बदला लेने के लिए फूलन गैंग ने 1981 में बेहमई कांड किया था। तबसे 31 साल में करीब 362 तारीखें पड़ चुकी हैं पर फैसला बाकी है। यह मुकदमा अभी तक गवाही पर चल रहा है। फूलनदेवी, मुस्तकीम, लल्लू और रामऔतार समेत अन्य अभियुक्तों की मौत हो चुकी है। अन्य नामजद 35 लोगों में से 7 अभियुक्त ही जिंदा हैं। इनमें से गांव साला औरैया निवासी श्यामबाबू, महेशपुर सिकंदरा निवासी विश्वनाथ उर्फ पुतानी और ग्राम पाल जालौन निवासी रामरतन फरार चल रहे हैं। इसलिए इनकी कुर्की के आदेश हैं।

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