{"_id":"38-206186","slug":"Kanpur-206186-38","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘डॉक्टर आपरेशन के रुपये मांगे तो तुरंत करें शिकायत’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘डॉक्टर आपरेशन के रुपये मांगे तो तुरंत करें शिकायत’
Kanpur
Updated Sun, 16 Nov 2014 05:30 AM IST
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कानपुर। सरकारी अस्पताल में यदि डॉक्टर आपरेशन के लिए रुपये मांगे तो तुरंत कमिश्नर, डीएम से शिकायत करें। जो सरकारी डॉक्टर नर्सिंगहोम में प्रैक्टिस कर रहे हैं उन्हें हटाया जाएगा। मरीजों के लिए अब जेनेरिक के साथ ही ब्रांडेड दवाएं भी खरीदी जाएंगी। अस्पताल के प्रभारी दवाएं के बजट में से 20 फीसदी से मरीजों की जरूरत के हिसाब से दवाएं खरीद (लोकल पर्चेज) सकते हैं। यह बातें स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कही।
वे 102 सेवा में 105 एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाने के बाद पुलिस लाइन में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 10 हजार डॉक्टर हैं। दो हजार डॉक्टर और आ गए हैं, जो 20 नवंबर तक ज्वाइन कर लेंगे। एक हजार डॉक्टर और आएंगे। डॉक्टरों और दवाओं की कमी पूरी की जा रही है। पहली बार डॉक्टरों को उनकी तीन च्वाइस में से छांटकर अस्पताल में तैनात किया जा रहा है।
लखनऊ के सिविल अस्पताल में रोजाना पांच हजार और बलरामपुर अस्पताल में नौ हजार मरीज देखे जा रहे हैं। जो यश, सम्मान लखनऊ के अस्पतालों में मिला, वह कानपुर में नहीं मिल पा रहा है। 1.25 लाख आशा भर्ती कीं, जिनमें से नर्सिंगहोम में मरीज ले जाने, दलाली करने वाली 1200 आशा बहुओं को निकाल दिया।
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मायावती कार्यकाल में ठेकेदारों द्वारा प्रदेश को लूटने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे ईमानदारी से काम करेंगे। एनआरएचएम में 500 करोड़ का घोटाला होने की बात कहते हुए दावा किया कि उन्होंने एक पैसा लिए बिना डॉ. विजय लक्ष्मी को डीजी हेल्थ बनाया। इससे पहले के डीजी हेल्थ, प्रमुख सचिव और 172 डॉक्टर जेल में हैं। अभी 50 - 60 और डॉक्टर जेल भेजे जाएंगे। दवाओं की खरीद में पारदर्शिता बरती जा रही है। दो महीने में पीएचसी, सीएचसी तक की दवाएं इंटरनेट पर उपलब्ध करा दी जाएंगी।
ग्रामीण क्षेत्र में खुलेंगे पांच नए अस्पताल
कार्यक्रम के दौरान सपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन देते हुए सरसौल क्षेत्र में एक अस्पताल खोलने की मांग की। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वह ग्रामीण क्षेत्र में पांच अस्पताल खुलवाएंगे, वे उनके लिए स्थानों की सूची दें।
मंच पर बैठने को लेकर खींचतान
कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठने को लेकर खींचतान होती रही। पहले स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. विजय लक्ष्मी और डीएम को पीछे बैठना पड़ा। दीप प्रज्वलन के बाद सपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष मंच पर अपनी पूर्व निर्धारित कुर्सी के पास पहुंचे, पर उससे पहले ही नगर के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रेश सिंह ने उनकी कुर्सी पर कब्जा कर लिया। बाद में उन्हें राज सिंह यादव के साथ दूसरी कुर्सी में उन्हीं के साथ बैठना पड़ा।
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वे 102 सेवा में 105 एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाने के बाद पुलिस लाइन में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 10 हजार डॉक्टर हैं। दो हजार डॉक्टर और आ गए हैं, जो 20 नवंबर तक ज्वाइन कर लेंगे। एक हजार डॉक्टर और आएंगे। डॉक्टरों और दवाओं की कमी पूरी की जा रही है। पहली बार डॉक्टरों को उनकी तीन च्वाइस में से छांटकर अस्पताल में तैनात किया जा रहा है।
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लखनऊ के सिविल अस्पताल में रोजाना पांच हजार और बलरामपुर अस्पताल में नौ हजार मरीज देखे जा रहे हैं। जो यश, सम्मान लखनऊ के अस्पतालों में मिला, वह कानपुर में नहीं मिल पा रहा है। 1.25 लाख आशा भर्ती कीं, जिनमें से नर्सिंगहोम में मरीज ले जाने, दलाली करने वाली 1200 आशा बहुओं को निकाल दिया।
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मायावती कार्यकाल में ठेकेदारों द्वारा प्रदेश को लूटने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे ईमानदारी से काम करेंगे। एनआरएचएम में 500 करोड़ का घोटाला होने की बात कहते हुए दावा किया कि उन्होंने एक पैसा लिए बिना डॉ. विजय लक्ष्मी को डीजी हेल्थ बनाया। इससे पहले के डीजी हेल्थ, प्रमुख सचिव और 172 डॉक्टर जेल में हैं। अभी 50 - 60 और डॉक्टर जेल भेजे जाएंगे। दवाओं की खरीद में पारदर्शिता बरती जा रही है। दो महीने में पीएचसी, सीएचसी तक की दवाएं इंटरनेट पर उपलब्ध करा दी जाएंगी।
ग्रामीण क्षेत्र में खुलेंगे पांच नए अस्पताल
कार्यक्रम के दौरान सपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन देते हुए सरसौल क्षेत्र में एक अस्पताल खोलने की मांग की। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वह ग्रामीण क्षेत्र में पांच अस्पताल खुलवाएंगे, वे उनके लिए स्थानों की सूची दें।
मंच पर बैठने को लेकर खींचतान
कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठने को लेकर खींचतान होती रही। पहले स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. विजय लक्ष्मी और डीएम को पीछे बैठना पड़ा। दीप प्रज्वलन के बाद सपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष मंच पर अपनी पूर्व निर्धारित कुर्सी के पास पहुंचे, पर उससे पहले ही नगर के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रेश सिंह ने उनकी कुर्सी पर कब्जा कर लिया। बाद में उन्हें राज सिंह यादव के साथ दूसरी कुर्सी में उन्हीं के साथ बैठना पड़ा।