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बड़े कारोबारी, पत्नी और भतीजों को जमानत
Kanpur
Updated Thu, 06 Nov 2014 05:30 AM IST
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कानपुर। ज्योति मर्डर केस में आरोपी पीयूष श्यामदासानी के पिता बड़े कारोबारी, मां और दो चचेरे भाइयों को जमानत मिल गई है। इन चारों लोगों पर अभियुक्तों को लाभ पहुंचाने की मंशा से अपराध की सूचना न देने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट से वारंट होने पर इन चारों लोगों ने बुधवार को सीएमएम की कोर्ट में सरेंडर किया था।
पुलिस ने ज्योति हत्याकांड पीयूष श्यामदासानी के पिता ओम प्रकाश, मां पूनम, चचेरे भाई मुकेश और कमलेश को भी अभियुक्तों की मदद करने की मंशा से अपराध की सूचना न देने (धारा 202) का आरोपी बनाया है। यह सभी लोगों ने सीएमएम कोर्ट में सरेंडर किया। इसके बाद उनके अधिवक्ता सईद नकवी ने चारों की जमानत अर्जी लगाई। अधिवक्ता ने कहा कि धारा 202 जमानतीय अपराध है। इसलिए इन सभी को जमानत दी जाए। अभियोजन ने कहा कि चूंकि हत्या जैसे अपराध की सूचना न देने पर इन चारों के खिलाफ धारा 202 की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसलिए अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत नहीं दी जानी चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद चारों लोगों को बीस-बीस हजार रुपये की जमानतें दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
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पुलिस ने ज्योति हत्याकांड पीयूष श्यामदासानी के पिता ओम प्रकाश, मां पूनम, चचेरे भाई मुकेश और कमलेश को भी अभियुक्तों की मदद करने की मंशा से अपराध की सूचना न देने (धारा 202) का आरोपी बनाया है। यह सभी लोगों ने सीएमएम कोर्ट में सरेंडर किया। इसके बाद उनके अधिवक्ता सईद नकवी ने चारों की जमानत अर्जी लगाई। अधिवक्ता ने कहा कि धारा 202 जमानतीय अपराध है। इसलिए इन सभी को जमानत दी जाए। अभियोजन ने कहा कि चूंकि हत्या जैसे अपराध की सूचना न देने पर इन चारों के खिलाफ धारा 202 की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसलिए अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत नहीं दी जानी चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद चारों लोगों को बीस-बीस हजार रुपये की जमानतें दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
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