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‘स्किल्ड लेबर से और बढ़ेगी लेदर इंडस्ट्री की ग्रोथ’
Kanpur
Updated Mon, 22 Sep 2014 05:31 AM IST
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कानपुर। ‘शहर की लेदर इंडस्ट्री की ग्रोथ और बढ़ाने के लिए स्किल्ड लेबर की दरकार है। पिछले साल कानपुर सहित देश से 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक चमड़ा और चमड़ा उत्पादों का निर्यात हुआ। जो कि अब तक का सर्वाधिक है। यदि स्किल्ड लेबर डेवलप हो तो 2016-17 तक 14 बिलियन डालर का चमड़ा और चमड़ा उत्पाद का निर्यात लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
रविवार को एचबीटीआई परिसर स्थित चर्म निर्यात परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय में प्रमाण पत्र वितरण के दौरान यह बातें मुख्य अतिथि काउंसिल फार लेदर एक्सपोर्ट के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आर रमेश कुमार ने कही। यहां सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (सीएफटीआई, आगरा) और काउंसिल फार लेदर एक्सपोर्ट (सीएलई) की ओर से कराए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम के 1100 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र दिए गए।
रमेश कुमार ने वियतनाम का उदाहरण देते हुए बताया कि 1995-96 तक यह देश अमेरिका के साथ युद्घ लड़ता रहा है। लेकिन वर्तमान में यहां से 14 बिलियन डालर का चमड़ा उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है। इसके पीछे स्किल्ड लेबर का कमाल है। जबकि यहां कच्चा चमड़ा बाहर से आयात किया जाता है। चर्म निर्यात परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष ताज आलम ने बताया कि सीएफटीआई और सीएलई मिलकर स्किल्ड लेबर तैयार करने की दिशा में कार्य रहे हैं। सीएफटीआई आगरा के निदेशक सनातन साहू ने बताया कि बंथर (उन्नाव) में सीएफटीआई का एक केंद्र खोलने की तैयारी की जा रही है। एमएसएमई-विकास संस्थान के निदेशक संजीव चावला ने कहा कि जल्द ही 5 हजार स्किल्ड लेबर तैयार करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
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सुपर हाउस के चेयरमैन मुख्तारुल अमीन ने कहा कि स्किल्ड लेबर तैयार होने से चमड़ा कारोबार नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है। यहां सीएलई के क्षेत्रीय निदेशक ओपी पांडेय, नाज एक्सपोर्ट के एमडी जावेद इकबाल, चर्म निर्यातक अशरफ रिजवान आदि मौजूद रहे।
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रविवार को एचबीटीआई परिसर स्थित चर्म निर्यात परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय में प्रमाण पत्र वितरण के दौरान यह बातें मुख्य अतिथि काउंसिल फार लेदर एक्सपोर्ट के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आर रमेश कुमार ने कही। यहां सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (सीएफटीआई, आगरा) और काउंसिल फार लेदर एक्सपोर्ट (सीएलई) की ओर से कराए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम के 1100 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र दिए गए।
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रमेश कुमार ने वियतनाम का उदाहरण देते हुए बताया कि 1995-96 तक यह देश अमेरिका के साथ युद्घ लड़ता रहा है। लेकिन वर्तमान में यहां से 14 बिलियन डालर का चमड़ा उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है। इसके पीछे स्किल्ड लेबर का कमाल है। जबकि यहां कच्चा चमड़ा बाहर से आयात किया जाता है। चर्म निर्यात परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष ताज आलम ने बताया कि सीएफटीआई और सीएलई मिलकर स्किल्ड लेबर तैयार करने की दिशा में कार्य रहे हैं। सीएफटीआई आगरा के निदेशक सनातन साहू ने बताया कि बंथर (उन्नाव) में सीएफटीआई का एक केंद्र खोलने की तैयारी की जा रही है। एमएसएमई-विकास संस्थान के निदेशक संजीव चावला ने कहा कि जल्द ही 5 हजार स्किल्ड लेबर तैयार करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
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सुपर हाउस के चेयरमैन मुख्तारुल अमीन ने कहा कि स्किल्ड लेबर तैयार होने से चमड़ा कारोबार नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है। यहां सीएलई के क्षेत्रीय निदेशक ओपी पांडेय, नाज एक्सपोर्ट के एमडी जावेद इकबाल, चर्म निर्यातक अशरफ रिजवान आदि मौजूद रहे।
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