{"_id":"38-197499","slug":"Kanpur-197499-38","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘हरि की शरण में आने से बनते हैं संस्कारवान’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘हरि की शरण में आने से बनते हैं संस्कारवान’
Kanpur
Updated Sat, 13 Sep 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर। ‘जो हरि की शरण में आता है वह संस्कारवान बन जाता है। भटकाव के रास्ते पर केवल हरि ही एक मात्र सहारा होते हैं। हरि के चरणों में रहकर सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है।’ ये बातें शुक्रवार को भागवत कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने मोतीझील में कही। उन्होंने कहा कि अपने जन्मदिवस पर किसी को भी फि जूलखर्ची न करके गरीब व असहायों की मदद करनी चाहिए। जन्मदिन केक न काटकर भगवान के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करना चाहिए। वहीं भजन संध्या में महाराज जी के भजनों को सुनकर भक्त भावविभोर होकर नाचते रहे। सुबह 101 लोगों ने गुरु दीक्षा ली।
विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट दिल्ली एवं विश्व शांति सेवा समिति की पहल पर आयोजित कथा में महाराज ने कहा कि युवाओं को भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए। इससे सद्गुण की प्राप्ति होती है। भक्ति के मार्ग पर चलने वाला जीवन में सब कुछ प्राप्त कर लेता है। इस काल रूपी जीवन में केवल हरि की शरण में आने पर ही जिंदगी संवर जाती है। इस दौरान उन्होंने ‘प्रभु आप की कृपा से सब काम हो रहा है, करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है, कोई पीवे संत सुजान नाम रस मीठा है, पत्थर की राधा प्यारी, पत्थर के कृष्ण मुरारी, प्रीत मोहन से की, इस भरोसे से की, चार दिन की जिंदगी के गुजर जाएंगे भजन सुनाएं। इससे पहले कथा के यजमान कृष्णा कनौडिया, राजेश कनौडिया, यूपी सिंह, ऊषा पांडेय, चंद्र प्रकाश, आरती सिंह ने व्यास पूजन और आरती कर महाराज जी से आशीर्वाद लिया।
विज्ञापन
विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट दिल्ली एवं विश्व शांति सेवा समिति की पहल पर आयोजित कथा में महाराज ने कहा कि युवाओं को भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए। इससे सद्गुण की प्राप्ति होती है। भक्ति के मार्ग पर चलने वाला जीवन में सब कुछ प्राप्त कर लेता है। इस काल रूपी जीवन में केवल हरि की शरण में आने पर ही जिंदगी संवर जाती है। इस दौरान उन्होंने ‘प्रभु आप की कृपा से सब काम हो रहा है, करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है, कोई पीवे संत सुजान नाम रस मीठा है, पत्थर की राधा प्यारी, पत्थर के कृष्ण मुरारी, प्रीत मोहन से की, इस भरोसे से की, चार दिन की जिंदगी के गुजर जाएंगे भजन सुनाएं। इससे पहले कथा के यजमान कृष्णा कनौडिया, राजेश कनौडिया, यूपी सिंह, ऊषा पांडेय, चंद्र प्रकाश, आरती सिंह ने व्यास पूजन और आरती कर महाराज जी से आशीर्वाद लिया।
विज्ञापन