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नोटरी हलफनामा फीस हुई महंगी

Thu, 12 Jun 2014 05:32 AM IST
Kanpur
Kanpur Updated Thu, 12 Jun 2014 05:32 AM IST
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कानपुर। नोटरी हलफनामा फीस महंगी हो गई है। अब आपको किसी भी तरह का हलफनामा कराने पर ज्यादा पैसे देने होंगे। विधि और न्याय मंत्रालय ने बढ़े शुल्क का गजट चार मार्च को जारी कर दिया था लेकिन शहर में फ्रेंचाइजी की तरह बांटी गई मुहर और नाम के कारण पुराने दाम पर ही काम चल रहा था। बुधवार को कानपुर नोटरी अधिवक्ता एसोसिएशन ने बैठक कर फैसला ले लिया है कि वह विधि और न्याय मंत्रालय से गजट के मुताबिक बढ़ा शुल्क लेंगे और फर्जीवाड़ा बंद कराने के लिए अभियान चलाएंगे। नोटरी अधिवक्ताओं ने फर्जीवाड़ा बंद कराने की मांग को लेकर 16 जून को काम से विरत रहने का ऐलान भी किया है।
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द लायर्स एसोसिएशन हाल में अध्यक्ष सिकंदर आलम की अध्यक्षता में हुई बैठक में ये फैसले किए गए। इस मौके पर शैलेश मिश्रा, सुशील कुमार सिंह, रमाकांत मिश्र, वसीम अख्तर, स्वदेश कुमार मिश्र, पंकज अग्रवाल, सैयद इनाम हैदर, विजय कुमार, राजेश जायसवाल, बलराम यादव, आफताब अहमद खान, अविनाश शुक्ला, आरएन दुबे, एलआर नारायन, हरि प्रकाश अग्निहोत्री, सतीश जायसवाल, रेखा मिश्रा मौजूद रहीं।
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इनसेट-
अब तक था यह शुल्क
- नोटरी हलफनामा तस्दीक करना-25 रुपये, इसमें 15 रुपये फीस और 10 रुपये टिकट
- किसी भी तरह के अनुबंध का शुल्क-75 और 110 रुपये
- किसी भी तरह का सत्यापन शुल्क-पांच रुपये
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गजट केबाद तय शुल्क
- नोटरी हलफनामा तस्दीक करना-45 रुपये, इसमें 35 रुपये फीस और 10 रुपये टिकट
- किसी भी तरह के अनुबंध का शुल्क-110 और 210 रुपये
- किसी भी तरह का सत्यापन शुल्क-10 रुपये
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साइड स्टोरी-

फ्रेंजाइजी की तरह बांटीं गईं मुहर और नाम

- नियम-कानून दरकिनार, चल रही मनमानी
कानपुर। यूं तो जिला प्रशासन के पास नोटरी अधिवक्ताओं की कोई सूची नहीं है लेकिन कानपुर नोटरी अधिवक्ता एसोसिएशन का कहना है कि शहर में करीब सौ नोटरी हैं। पर हकीकत तो यह है कि कचहरी, नगर निगम और केडीए में डेढ़ सौ से अधिक नोटरी पैसा फेंकने पर धड़ाधड़ हलफनामा बना रहे हैं। अधिकृत नोटरी ने अपनी मुहर व नाम अपने किसी साथी को मुहैया कराए और उसे कहीं भी बैठा दिया। उसके एवज में प्रति हलफनामा कमीशन भी वसूल रहे हैं। ये नोटरी न तो किसी मानक और न ही नियमों की परवाह करते हैं।
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ये हैं निमय
- शपथकर्ता अपनी पहचान का साक्ष्य दें।
- कोई अधिवक्ता शपथकर्ता को तस्दीक करे।
- नोटरी रजिस्टर में शपथकर्ता से साइन कराएं।
- बोर्ड पर नोटरी अपना लाइसेंस नंबर लिखें।
- हर साल बाद लाइसेंस का नवीनीकरण हो।
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इस तरह फर्जीवाड़ा
- शपथकर्ता सामने नहीं है तब भी चलेगा।
- कार्रवाई से बचने को रजिस्टर में साइन नहीं।
- किराएदारी का मनमाने तरीके से करार।
- दस रुपये के हलफनामे पर शादी और तलाक।
- जमीन और मकान का पट्टा तक किया जाता।
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अवैध वसूली
- टिकट समेत तय फीस से ज्यादा लिए जाते हैं।
- शपथकर्ता से जैसा सौदा पट जाए वैसे पैसे लेते हैं।
- दूसरों को मुहर देकर कमीशन तय कर धंधा हो रहा है।
- शादी और तलाक कराने में जमकर वसूली की जाती है।
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कोई रिकार्ड नहीं
- प्रशासन के पास नोटरियों की सूची तक नहीं है।
- अफसरों के पास नवीनीकरण की जानकारी नहीं है।
- छापे मारकर कब चेकिंग की गई कोई पता नहीं है।
- कई दिवंगत नोटरियों की मुहरों से भी नोटरी।
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