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डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ चार्जशीट
Kanpur
Updated Mon, 17 Feb 2014 05:30 AM IST
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कानपुर। एक मल्टीनेशनल कंपनी का असेसमेंट ऑर्डर जानबूझकर रोकने के आरोप में वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ शासन को चार्जशीट भेजी गई है। शिकायत पर कमिश्नर की जांच में सभी आरोप सही मिले हैं।
गुडनाइट समेत अन्य कीटनाशक उत्पाद बनाने वाली मल्टीनेशनल फर्म एससी जॉनसन वाणिज्य कर विभाग के खंड-15 में रजिस्टर्ड है। वर्ष 2010-11 में फर्म ने कानपुर जोन में किए व्यवसाय पर दो करोड़ रुपये वाणिज्य कर जमा किया था। फर्म का कर निर्धारण (असेसमेंट) मार्च-2013 तक होना था। सूत्रों के मुताबिक खंड के डिप्टी कमिश्नर परमानंद ने तमाम कमियां दर्शाते हुए प्रोपराइटर को नोटिस भेजा। इस पर फर्म की ओर से सारे दस्तावेज डिप्टी कमिश्नर के पास भेजे गए। आरोप है कि डिप्टी कमिश्नर ने तमाम बिंदुओं पर गड़बड़ियां निकालते हुए असेसमेंट ऑर्डर रोके रखा। इधर कंपनी ने वाणिज्य कर कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण से शिकायत कर दी। कमिश्नर ने प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए तो मामले से जुड़े सभी दस्तावेज मुख्यालय मंगवाए। यहां गहराई से छानबीन की गई तो पता चला कि असेसमेंट ऑर्डर मई माह में बनाकर डिसपैच रजिस्टर में चढ़ा दिया गया था। इसके बावजूद बिना किसी वजह के उसे दबाए रखा गया। इसके चलते आरोपी डिप्टी कमिश्नर के विरुद्ध चार्जशीट बनाकर शासन को भेज दी गई है। कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि जांच में आरोप सही पाए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर पर कार्रवाई करना शासन के दायरे में आता है, इसलिए उन्हें चार्जशीट भेज दी गई है।
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गुडनाइट समेत अन्य कीटनाशक उत्पाद बनाने वाली मल्टीनेशनल फर्म एससी जॉनसन वाणिज्य कर विभाग के खंड-15 में रजिस्टर्ड है। वर्ष 2010-11 में फर्म ने कानपुर जोन में किए व्यवसाय पर दो करोड़ रुपये वाणिज्य कर जमा किया था। फर्म का कर निर्धारण (असेसमेंट) मार्च-2013 तक होना था। सूत्रों के मुताबिक खंड के डिप्टी कमिश्नर परमानंद ने तमाम कमियां दर्शाते हुए प्रोपराइटर को नोटिस भेजा। इस पर फर्म की ओर से सारे दस्तावेज डिप्टी कमिश्नर के पास भेजे गए। आरोप है कि डिप्टी कमिश्नर ने तमाम बिंदुओं पर गड़बड़ियां निकालते हुए असेसमेंट ऑर्डर रोके रखा। इधर कंपनी ने वाणिज्य कर कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण से शिकायत कर दी। कमिश्नर ने प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए तो मामले से जुड़े सभी दस्तावेज मुख्यालय मंगवाए। यहां गहराई से छानबीन की गई तो पता चला कि असेसमेंट ऑर्डर मई माह में बनाकर डिसपैच रजिस्टर में चढ़ा दिया गया था। इसके बावजूद बिना किसी वजह के उसे दबाए रखा गया। इसके चलते आरोपी डिप्टी कमिश्नर के विरुद्ध चार्जशीट बनाकर शासन को भेज दी गई है। कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि जांच में आरोप सही पाए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर पर कार्रवाई करना शासन के दायरे में आता है, इसलिए उन्हें चार्जशीट भेज दी गई है।
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