{"_id":"38-132813","slug":"Kanpur-132813-38","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रमशक्ति और प्लेटफार्म के बीच फंसा रहा एक घंटे अधेड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रमशक्ति और प्लेटफार्म के बीच फंसा रहा एक घंटे अधेड़
Kanpur
Updated Mon, 13 May 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर। सेंट्रल से दिल्ली जाने वाली नॉनस्टाप 2451 श्रम शक्ति एक्सप्रेस शंटिंग के दौरान एक अधेड़ जल्दी बैठने के चक्कर में पावदान से फिसल गया। इससे उसका आधा शरीर प्लेटफार्म और पावदान के बीच फंस गया। आसपास केलोगों के शोर मचाने पर ट्रेन रोक दी गई। अधेड़ को निकालने का प्रयास हुआ। उसे निकालने के बाद उर्सला अस्पताल भेज दिया गया। ट्रेन समय से आधा घंटे विलंब से रवाना हो सकी।
रविवार रात लगभग 11बजे जब श्रमशक्ति एक्सप्रेस को प्लेटफार्म नंबर एक पर लाया जा रहा था तभी कल्लू नामक अधेड़ जनरल कोच की ओर भागा। कोच का दरवाजा खुला न होने से वह हत्था पकड़ कर लटका तभी फिसल गया। फिसलते ही उसके दोनों पैर पावदान और प्लेटफार्म के बीच खाली जगह में फंस गए। शोर सुन चालक ने ट्रेन रोक दी। कंट्रोल को सूचना दी गई। सूचना पर स्टेशन अधीक्षक मेवालाल, आरपीएफ के कंपनी कमांडर संजय पांडेय, प्रभाशंकर द्विवेदी और इंजीनियरिंग टीम मौके पर पहुंची। पौन घंटे की मशक्कत के बाद जब अधेड़ को नहीं निकाला जा सका तो बोल्ट एवं पत्थर काटा गया। इस दौरान स्टेशन पर अफरा-तफरी का आलम रहा। यात्रियों में भी दहशत दिखी। अधेड़ को जब बाहर निकाला गया तो उसे देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। आरपीएफ ने भीड़ को दूर हटाकर अधेड़ को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। स्टेशन अधीक्षक मेवालाल ने बताया कि अधेड़ की हालत गंभीर है। उसे अस्पताल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
रविवार रात लगभग 11बजे जब श्रमशक्ति एक्सप्रेस को प्लेटफार्म नंबर एक पर लाया जा रहा था तभी कल्लू नामक अधेड़ जनरल कोच की ओर भागा। कोच का दरवाजा खुला न होने से वह हत्था पकड़ कर लटका तभी फिसल गया। फिसलते ही उसके दोनों पैर पावदान और प्लेटफार्म के बीच खाली जगह में फंस गए। शोर सुन चालक ने ट्रेन रोक दी। कंट्रोल को सूचना दी गई। सूचना पर स्टेशन अधीक्षक मेवालाल, आरपीएफ के कंपनी कमांडर संजय पांडेय, प्रभाशंकर द्विवेदी और इंजीनियरिंग टीम मौके पर पहुंची। पौन घंटे की मशक्कत के बाद जब अधेड़ को नहीं निकाला जा सका तो बोल्ट एवं पत्थर काटा गया। इस दौरान स्टेशन पर अफरा-तफरी का आलम रहा। यात्रियों में भी दहशत दिखी। अधेड़ को जब बाहर निकाला गया तो उसे देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। आरपीएफ ने भीड़ को दूर हटाकर अधेड़ को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। स्टेशन अधीक्षक मेवालाल ने बताया कि अधेड़ की हालत गंभीर है। उसे अस्पताल भेज दिया गया है।
विज्ञापन