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परीक्षा, स्क्रूटिनी पारिश्रमिक बढ़ा
Kanpur
Updated Wed, 13 Mar 2013 05:31 AM IST
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कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से संबद्ध राजकीय, अनुदानित और सेल्फ फाइनेंस डिग्री कॉलेजों के 24,000 टीचर और कर्मचारियों का परीक्षा पारिश्रमिक बढ़ा दिया गया है। वित्त समिति ने कहा है कि बढ़ी दरें शैक्षिक सत्र 2012-13 से लागू होंगी। स्क्रूटिनी का पारिश्रमिक भी प्रति आंसरशीट तीन रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये कर दिया गया है।
वित्त समिति की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को एकेडमिक भवन सभागार में हुई। इसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने की। समिति के सचिव और फाइनेंस आफिसर धर्मेंद्र वर्मा ने सत्र 2013-14 के आय-व्यय का बजट पेश किया, जो सर्वसम्मति से पारित हो गया। व्यय का लक्ष्य लगभग 88 करोड़ रुपये निर्धारित है। गोपनीय कामकाज के लिए एक करोड़ रुपये का बजट बढ़ाया गया है। बैठक में यूनिवर्सिटी से संबद्ध महाविद्यालय कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज पांडेय और महामंत्री हरगोविंद शुक्ल की मांगों पर चर्चा हुई। इसमें कहा गया कि 1993 के बाद से परीक्षा पारिश्रमिक नहीं बढ़ाया गया है। इस पर समिति ने राजकीय, अनुदानित और सेल्फ फाइनेंस कोर्स के करीब 10,000 कर्मचारियों का परीक्षा पारिश्रमिक बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया। समिति ने उन 14 हजार टीचर्स को भी खुश किया है, जो स्क्रूटिनी करते हैं। इस मद के पारिश्रमिक में पांच गुना बढ़ोतरी हुई है।
ये हुई बढ़ोतरी (प्रति पाली)
लिखित परीक्षा वर्तमान दर बढ़ी दर
तृतीय श्रेणी कर्मचारी 20 60
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 21 45
केंद्र व्यय (प्रति स्टूडेंट) 03 08
प्रैक्टिकल एग्जाम
तृतीय श्रेणी कर्मचारी 20 60
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 15 45
केंद्र व्यय (प्रति स्टूडेंट) 03 08
अंक पत्र वितरण 01 02
कंप्यूटर संबंधी कार्य 00 00
आसन्न व्यवस्था (प्रति शीट) 30 पैसा एक रुपये
नोट : वर्तमान और बढ़ी दरें रुपये में
वेतन पर खर्च होगा आय का 60 फीसदी
सीएसजेएम यूनिवर्सिटी कैंपस के सेल्फ फाइनेंस कोर्स में पढ़ाने वाले टीचर्स के वेतन बजट में बढ़ोतरी की गई है। अब कोर्स से होने वाली कुल आय के 40 फीसदी हिस्से की जगह 60 फीसदी हिस्सा टीचर्स के वेतन पर खर्च हो सकेगा। हालांकि, टीचर्स के वेतन में बढ़ोतरी नहीं हुई है। यह मामला पेंडिंग है। वित्त समिति के मुताबिक बजट का प्रावधान कर दिया गया है। जरूरत पड़ी तो रेग्युलर और फिक्स टीचर के वेतन बढ़ोतरी का मामला वित्त समिति में ले जाकर भुगतान का आदेश जारी कर दिया जाएगा। वित्त समिति ने ऐसे टीचर के वेतन बढ़ोत्तरी पर सहमति भी जताई है।
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वित्त समिति की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को एकेडमिक भवन सभागार में हुई। इसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने की। समिति के सचिव और फाइनेंस आफिसर धर्मेंद्र वर्मा ने सत्र 2013-14 के आय-व्यय का बजट पेश किया, जो सर्वसम्मति से पारित हो गया। व्यय का लक्ष्य लगभग 88 करोड़ रुपये निर्धारित है। गोपनीय कामकाज के लिए एक करोड़ रुपये का बजट बढ़ाया गया है। बैठक में यूनिवर्सिटी से संबद्ध महाविद्यालय कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज पांडेय और महामंत्री हरगोविंद शुक्ल की मांगों पर चर्चा हुई। इसमें कहा गया कि 1993 के बाद से परीक्षा पारिश्रमिक नहीं बढ़ाया गया है। इस पर समिति ने राजकीय, अनुदानित और सेल्फ फाइनेंस कोर्स के करीब 10,000 कर्मचारियों का परीक्षा पारिश्रमिक बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया। समिति ने उन 14 हजार टीचर्स को भी खुश किया है, जो स्क्रूटिनी करते हैं। इस मद के पारिश्रमिक में पांच गुना बढ़ोतरी हुई है।
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ये हुई बढ़ोतरी (प्रति पाली)
लिखित परीक्षा वर्तमान दर बढ़ी दर
तृतीय श्रेणी कर्मचारी 20 60
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 21 45
केंद्र व्यय (प्रति स्टूडेंट) 03 08
प्रैक्टिकल एग्जाम
तृतीय श्रेणी कर्मचारी 20 60
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 15 45
केंद्र व्यय (प्रति स्टूडेंट) 03 08
अंक पत्र वितरण 01 02
कंप्यूटर संबंधी कार्य 00 00
आसन्न व्यवस्था (प्रति शीट) 30 पैसा एक रुपये
नोट : वर्तमान और बढ़ी दरें रुपये में
वेतन पर खर्च होगा आय का 60 फीसदी
सीएसजेएम यूनिवर्सिटी कैंपस के सेल्फ फाइनेंस कोर्स में पढ़ाने वाले टीचर्स के वेतन बजट में बढ़ोतरी की गई है। अब कोर्स से होने वाली कुल आय के 40 फीसदी हिस्से की जगह 60 फीसदी हिस्सा टीचर्स के वेतन पर खर्च हो सकेगा। हालांकि, टीचर्स के वेतन में बढ़ोतरी नहीं हुई है। यह मामला पेंडिंग है। वित्त समिति के मुताबिक बजट का प्रावधान कर दिया गया है। जरूरत पड़ी तो रेग्युलर और फिक्स टीचर के वेतन बढ़ोतरी का मामला वित्त समिति में ले जाकर भुगतान का आदेश जारी कर दिया जाएगा। वित्त समिति ने ऐसे टीचर के वेतन बढ़ोत्तरी पर सहमति भी जताई है।
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