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मेडिकल एंट्रेस टेस्ट मई अंत तक
Kanpur
Updated Wed, 13 Mar 2013 05:31 AM IST
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कानपुर। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजोें में एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस और बीयूएमएस की सीटें भरने के लिए प्रस्तावित कंबाइंड प्री मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी) 2013 का आयोजन मई अंत तक कराया जाएगा। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। फार्मों की बिक्री 25 मार्च से की जा सकती है। जल्द ही एंट्रेंस टेस्ट और काउंसिलिंग का विस्तृत शेड्यूल जारी किया जाएगा। इस बार आनलाइन फार्म भराने की तैयारी है।
छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी की देखरेख में सीपीएमटी 2013 का आयोजन होना है। इसको लेकर कुलपति (वीसी) प्रो. अशोक कुमार ने मंगलवार को लखनऊ में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा से मुलाकात की। कुलपति ने बताया कि 15 मई को एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक बुलाई गई है। इसी में फार्म की कीमत, उसकी बिक्री, एंट्रेंस टेस्ट और काउंसिलिंग का अंतिम शेड्यूल तय किया जाएगा। फिर शासन से अनुमति लेकर आगे की तैयारी शुरू होगी। मई अंत तक एंट्रेंस टेस्ट कराने की तैयारी है। कुलपति ने बताया कि पहले प्रदेश के सरकारी, गैर सरकारी मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस, बीडीएस की सभी सीटें नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (नीट) 2013 से भरने का फैसला हुआ। इसकी जिम्मेदारी सीबीएसई को सौंपी गई। इसको लेकर कुछ निजी मेडिकल कॉलेजों के संचालक सुप्रीमकोर्ट चले गए। इस पर सुप्रीमकोर्ट ने अंतरिम आदेश भी जारी किया है। आदेश में कहा है कि सभी राज्य एंट्रेंस टेस्ट कराएं, लेकिन रिजल्ट घोषित न करें। सुप्रीमकोर्ट का फैसला आने के बाद ही रिजल्ट जारी किया जाएगा। इसी का संज्ञान लेकर ही शासन ने सीपीएमटी कराने का फैसला किया है।
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी की देखरेख में सीपीएमटी 2013 का आयोजन होना है। इसको लेकर कुलपति (वीसी) प्रो. अशोक कुमार ने मंगलवार को लखनऊ में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा से मुलाकात की। कुलपति ने बताया कि 15 मई को एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक बुलाई गई है। इसी में फार्म की कीमत, उसकी बिक्री, एंट्रेंस टेस्ट और काउंसिलिंग का अंतिम शेड्यूल तय किया जाएगा। फिर शासन से अनुमति लेकर आगे की तैयारी शुरू होगी। मई अंत तक एंट्रेंस टेस्ट कराने की तैयारी है। कुलपति ने बताया कि पहले प्रदेश के सरकारी, गैर सरकारी मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस, बीडीएस की सभी सीटें नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (नीट) 2013 से भरने का फैसला हुआ। इसकी जिम्मेदारी सीबीएसई को सौंपी गई। इसको लेकर कुछ निजी मेडिकल कॉलेजों के संचालक सुप्रीमकोर्ट चले गए। इस पर सुप्रीमकोर्ट ने अंतरिम आदेश भी जारी किया है। आदेश में कहा है कि सभी राज्य एंट्रेंस टेस्ट कराएं, लेकिन रिजल्ट घोषित न करें। सुप्रीमकोर्ट का फैसला आने के बाद ही रिजल्ट जारी किया जाएगा। इसी का संज्ञान लेकर ही शासन ने सीपीएमटी कराने का फैसला किया है।
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