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जहां पड़े मंत्री के पांव वहीं मिला ‘गड्ढा’
Kanpur
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। नगर के प्रभारी मंत्री भगवत सरन गंगवार रविवार को अचानक सरसौल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए और इमरजेंसी खाली देख भड़क गए। सीएमओ को ड्यूटी डाक्टर को निलंबित करने के आदेश दिए। आपरेशन थियेटर में गंदगी देख चिकित्सा अधीक्षक को फटकार लगाई। दवा स्टोर और वितरण केंद्र में गड़बड़ी की आशंका पर ताला लगवा दिया और चाबी जिला प्रशासन को सौंपी। इसकी जांच कराने को कहा। अधीक्षक समेत अन्य संबंधित अफसरों का वेतन काटने के निर्देश दिए। महाराजपुर धान खरीद केंद्र में भी निरीक्षण किया जहां गड़बड़ियां मिलीं। उन्होंने हैलट इमरजेंसी में 35 घायलों के इलाज में लापरवाही देखकर सीएमएस को तलब कर लिया और प्रिंसिपल को फोन कर इलाज की समुचित व्यवस्था कराई।
सरसौल सीएचसी का हाल बेहाल
लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भगवत सरन गंगवार सुबह 11 बजे सरसौल सीएचसी पहुंचे। वहां डा.बीके कटियार की इमरजेंसी ड्यूटी लगी थी, पर वे गायब थे। मंत्री ने सीएमओ डा. आरपी यादव को फोन कर गायब डाक्टर तो तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए। आपरेशन थियेटर पहुंचे तो वहां गंदगी और खिड़की खुली देख पारा चढ़ गया। बरामदे से लेकर शौचालयों तक में गंदगी देख अस्पताल के अधीक्षक डा. सीएल वर्मा की फटकार लगाई। हाजिरी रजिस्टर में गैरहाजिर कर्मियों की एबसेंट लगाई। दवा स्टोर और वितरण केंद्र का रजिस्टर देख ताला लगवाकर चाबियां एडीओ समाज कल्याण को सौंप दीं। एक घंटे निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद सीडीओ विवेक को निर्देश दिए कि तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी की टीम बनाकर स्टाक की जांच कराई जाए। 4 दिन में अस्पताल से दवाएं लेने वाले मरीजों के घरों में जाकर सत्यापन भी किया जाए।
धान खरीद केंद्र में सन्नाटा
मंत्री सीडीओ के साथ साधन सहकारी समिति, महाराजपुर पहुंचे। वहां धान खरीद केंद्र में सचिव गायब थे। कांटा तक नहीं लगा था। एकाउंटेंट रमाशंकर ने उन्हें बताया कि अभी तक धान बेचने कोई किसान नहीं आया। सीडीओ से जिले के धान खरीद केंद्रों की संख्या पूछने के बाद यूूरिया और डीएपी की उपलब्धता की जानकारी ली। भवन की रंगाई - पुताई के निर्देश दिए।
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हैलट पहले जैसा, न डाक्टर न इलाज
मंत्री हैलट इमरजेंसी पहुंचे। वहां कुछ देर पहले ही महाराजपुर के कमालपुर गांव की 35 घायल महिलाएं पहुंची थीं। अव्यवस्थाओं के बीच चंद जूनियर डाक्टर उनके ट्रीटमेंट में जुटे थे। न प्रोफेसर थे और न ही इमरजेंसी मेडिकल अफसर डा. एसके मिश्रा। मरीजों, तीमारदारों ने इलाज, दवा न मिलने की शिकायत की। इस पर उन्होंने हैलट के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सीएस सिंह को मोबाइल पर फटकारते हुए तुरंत बुलाया। मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डा. नवनीत कुमार को भी फोन किया। इसके बाद प्रोफेसर, सीएमएस से लेकर अन्य अधिकारी पहुंचे। मंत्री ने आधे घंटे रुककर अपने सामने इलाज की व्यवस्थाएं कराईं। प्रभारी मंत्री ने सीडीओ को निर्देश दिए कि जनता से जुड़े सभी विभागों की व्यवस्थाएं जल्द सुधार लें। दिसंबर में वे चार-पांच दिन हैलट समेत अन्य अस्पतालों, विभागों का औचक निरीक्षण करेंगे।
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सरसौल सीएचसी का हाल बेहाल
लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भगवत सरन गंगवार सुबह 11 बजे सरसौल सीएचसी पहुंचे। वहां डा.बीके कटियार की इमरजेंसी ड्यूटी लगी थी, पर वे गायब थे। मंत्री ने सीएमओ डा. आरपी यादव को फोन कर गायब डाक्टर तो तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए। आपरेशन थियेटर पहुंचे तो वहां गंदगी और खिड़की खुली देख पारा चढ़ गया। बरामदे से लेकर शौचालयों तक में गंदगी देख अस्पताल के अधीक्षक डा. सीएल वर्मा की फटकार लगाई। हाजिरी रजिस्टर में गैरहाजिर कर्मियों की एबसेंट लगाई। दवा स्टोर और वितरण केंद्र का रजिस्टर देख ताला लगवाकर चाबियां एडीओ समाज कल्याण को सौंप दीं। एक घंटे निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद सीडीओ विवेक को निर्देश दिए कि तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी की टीम बनाकर स्टाक की जांच कराई जाए। 4 दिन में अस्पताल से दवाएं लेने वाले मरीजों के घरों में जाकर सत्यापन भी किया जाए।
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धान खरीद केंद्र में सन्नाटा
मंत्री सीडीओ के साथ साधन सहकारी समिति, महाराजपुर पहुंचे। वहां धान खरीद केंद्र में सचिव गायब थे। कांटा तक नहीं लगा था। एकाउंटेंट रमाशंकर ने उन्हें बताया कि अभी तक धान बेचने कोई किसान नहीं आया। सीडीओ से जिले के धान खरीद केंद्रों की संख्या पूछने के बाद यूूरिया और डीएपी की उपलब्धता की जानकारी ली। भवन की रंगाई - पुताई के निर्देश दिए।
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हैलट पहले जैसा, न डाक्टर न इलाज
मंत्री हैलट इमरजेंसी पहुंचे। वहां कुछ देर पहले ही महाराजपुर के कमालपुर गांव की 35 घायल महिलाएं पहुंची थीं। अव्यवस्थाओं के बीच चंद जूनियर डाक्टर उनके ट्रीटमेंट में जुटे थे। न प्रोफेसर थे और न ही इमरजेंसी मेडिकल अफसर डा. एसके मिश्रा। मरीजों, तीमारदारों ने इलाज, दवा न मिलने की शिकायत की। इस पर उन्होंने हैलट के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सीएस सिंह को मोबाइल पर फटकारते हुए तुरंत बुलाया। मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डा. नवनीत कुमार को भी फोन किया। इसके बाद प्रोफेसर, सीएमएस से लेकर अन्य अधिकारी पहुंचे। मंत्री ने आधे घंटे रुककर अपने सामने इलाज की व्यवस्थाएं कराईं। प्रभारी मंत्री ने सीडीओ को निर्देश दिए कि जनता से जुड़े सभी विभागों की व्यवस्थाएं जल्द सुधार लें। दिसंबर में वे चार-पांच दिन हैलट समेत अन्य अस्पतालों, विभागों का औचक निरीक्षण करेंगे।