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कारागार में कैदी की मौत
Updated Thu, 08 Feb 2018 11:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। जिला कारागार में हत्या के मामले में बंद पूर्व कोटेदार की बुधवार रात बीमारी से मौत हो गई। कैदी के दो बेटे भी सजा काट रहे हैं। उनकी पैरोल की संस्तुति के लिए जेल प्रशासन ने डीएम और प्रोबेशन अधिकारी को पत्र भेज दिया है।
धाता थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी 65 वर्षीय गणेश प्रसाद व उनके दो बेटे जयचंद्र और रामचंद्र को जिला कोर्ट से करीब एक साल पहले उम्र कैद की सजा हुई थी। तीनों को प्रधान प्रदीप कुमार निर्मल की 2015 में गोली मारकर हत्या के मामले में सजा हुई थी। जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि कुछ महीने से सजायाफ्ता गणेश प्रसाद के सीने में तकलीफ रहती थी। जिला अस्पताल से तीन दिन पहले उसे कानपुर मुरारी लाल चेस्ट हास्पिटल भेजा गया था। कानपुर से दवाएं देकर डाक्टरों ने वापस जेल भेज दिया था।
कारागार अस्पताल में बुधवार रात अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम हाउस में भतीजे राजकुमार और भांजे कन्हैया ने बताया कि प्रधान अक्सर कोटे की शिकायत अधिकारियों से करता था। इसी खुन्नस में तीन साल पहले धाता थाने के बिरधौलपुर गांव के पास जयचंद्र ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। प्रधान पक्ष ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट कराई थी।
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फतेहपुर। जिला कारागार में हत्या के मामले में बंद पूर्व कोटेदार की बुधवार रात बीमारी से मौत हो गई। कैदी के दो बेटे भी सजा काट रहे हैं। उनकी पैरोल की संस्तुति के लिए जेल प्रशासन ने डीएम और प्रोबेशन अधिकारी को पत्र भेज दिया है।
धाता थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी 65 वर्षीय गणेश प्रसाद व उनके दो बेटे जयचंद्र और रामचंद्र को जिला कोर्ट से करीब एक साल पहले उम्र कैद की सजा हुई थी। तीनों को प्रधान प्रदीप कुमार निर्मल की 2015 में गोली मारकर हत्या के मामले में सजा हुई थी। जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि कुछ महीने से सजायाफ्ता गणेश प्रसाद के सीने में तकलीफ रहती थी। जिला अस्पताल से तीन दिन पहले उसे कानपुर मुरारी लाल चेस्ट हास्पिटल भेजा गया था। कानपुर से दवाएं देकर डाक्टरों ने वापस जेल भेज दिया था।
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कारागार अस्पताल में बुधवार रात अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम हाउस में भतीजे राजकुमार और भांजे कन्हैया ने बताया कि प्रधान अक्सर कोटे की शिकायत अधिकारियों से करता था। इसी खुन्नस में तीन साल पहले धाता थाने के बिरधौलपुर गांव के पास जयचंद्र ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। प्रधान पक्ष ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट कराई थी।
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