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यूपी: दस दिन पहले हुई थी तीन गोवंशों की मौत, नहीं उठे शव तो आठ और मरे
Sat, 13 Jul 2019 06:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 13 Jul 2019 06:40 PM IST
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धूप में खड़े भूखे प्यासे गोवंश (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई पिहानी ब्लाक की ग्राम पंचायत मंसूरनगर में बनी गोशाला में आठ मवेशियों की मौत हो गई। माना जा रहा है कि दस दिन पहले तीन मवेशियों की मौत के बाद शव नहीं उठाने से बीमारी फैल गई। इससे इन मवेशियों ने दम तोड़ दिया। मंसूरनगर स्थित गोशाला में 200 मवेशियों को रखने की क्षमता है।
एक सप्ताह पहले तक यहां 200 मवेशी बंद थे। कई दिन से गोशाला में बंद मवेशियों की स्थिति खराब थी। शनिवार सुबह आठ मवेशियों ने दम तोड़ दिया। मवेशियों की मौत की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने ग्राम सचिव तेजराम को सूचना दी। दोपहर को तेजराम पशु चिकित्सक के साथ मौके पर पहुंचे।
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एक सप्ताह पहले तक यहां 200 मवेशी बंद थे। कई दिन से गोशाला में बंद मवेशियों की स्थिति खराब थी। शनिवार सुबह आठ मवेशियों ने दम तोड़ दिया। मवेशियों की मौत की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने ग्राम सचिव तेजराम को सूचना दी। दोपहर को तेजराम पशु चिकित्सक के साथ मौके पर पहुंचे।
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सूत्रों की मानें तो गोशाला में तैनात सफाई कर्मी मौके पर जाते ही नहीं हैं। इसी तरह एक सप्ताह से ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान ने भी गोशाला का रुख नहीं किया। हालांकि ग्रामीण चारे और पानी की पर्याप्त व्यवस्था होने की बात भी कह रहे हैं। दस दिन पहले गोशाला में तीन मवेशियों की मौत हो गई थी लेकिन शव यहां से नहीं हटाए गए।
बारिश और पक्षियों के नोचने के कारण यह कंकाल में तब्दील हो गए। इसके कारण स्थिति बिगड़ी और बीमारियों की चपेट में आकर आठ मवेशियों की मौत हो गई। नियम यह है कि गोशाला में मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सक करेंगे।
बारिश और पक्षियों के नोचने के कारण यह कंकाल में तब्दील हो गए। इसके कारण स्थिति बिगड़ी और बीमारियों की चपेट में आकर आठ मवेशियों की मौत हो गई। नियम यह है कि गोशाला में मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सक करेंगे।
इसके बाद इन मवेशियों को दफन कर दिया जाएगा। लेकिन पोस्टमार्टम के बाद पशु चिकित्सा विभाग के जिम्मेदार मवेशियों के शव दफनाने से हाथ खड़ा कर देते हैं। पशु चिकित्साधिकारी डा. जेएन पांडे कहते हैं कि मृत मवेशियों को दफन कराने का काम पशु चिकित्सा विभाग का नहीं है और यह काम वह कर भी नहीं पाएंगे।
सीडीओ आनंद कुमार ने बताया कि प्रकरण अभी संज्ञान में आया है। अगर पहले मरे मवेशियों को वहां से नहीं हटाया गया तो यह ग्राम सचिव और प्रधान की भी लापरवाही है। इस संबंध में पूरी रिपोर्ट तलब कर कार्रवाई की जाएगी।
सीडीओ आनंद कुमार ने बताया कि प्रकरण अभी संज्ञान में आया है। अगर पहले मरे मवेशियों को वहां से नहीं हटाया गया तो यह ग्राम सचिव और प्रधान की भी लापरवाही है। इस संबंध में पूरी रिपोर्ट तलब कर कार्रवाई की जाएगी।