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Kanpur News: बार एसोसिएशन चुनाव में पड़े 78.6 प्रतिशत वोट
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कानपुर। बार एसोसिएशन की 21 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए मंगलवार को 78.6 प्रतिशत मतदान हुआ। कुल 7198 मतदाताओं में से 5658 ने मताधिकार का प्रयोग किया। पिछले साल चुनाव में 79.9 प्रतिशत वोट पड़े थे। इस बार 1.3 प्रतिशत कम मतदान हुआ। शाम पांच बजे तक हुए मतदान के बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा में मतपेटियों को सील कर कचहरी स्थित राम अवतार महाना हॉल स्थित कमरे में बनाए गए स्ट्रांग रूम तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया। बुधवार सुबह 10 बजे से मतगणना शुरू होगी।
डीएवी डिग्री कॉलेज में मंगलवार सुबह लगभग नौ बजे मतदाताओं के लिए मतदान शुरू हुआ। इसके पहले विभिन्न पदों पर खड़े प्रत्याशियों के सामने एल्डर्स कमेटी सदस्यों ने मतपेटियां दिखाकर उन्हें सील कराया। सेवानिवृत्त सैनिकों को मतपत्र देकर मतदान बूथों पर भेज दिया गया। मतदान के लिए 16 बूथ बनाए गए थे। बूथों के बाहर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों को क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए लगाया गया। क्यूआर कोड की स्क्रीनिंग के बाद ही मतदाताओं को प्रवेश दिया गया। इसके बाद सीओपी कार्ड देखकर मतपत्र मिल पाया।
पूर्व सांसद राजाराम पाल, कोपेस्टेट चेयरमैन विजय कपूर भी वोट डालने पहुंचे। एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन उमाशंकर गुप्ता, ओमप्रकाश मिश्रा, श्रीकांत दीक्षित, महेंद्र सिंह चौहान, शिवशरण मिश्रा, सुशील कुमार वर्मा, आनंद सचान, अश्वनी आनंद, सतीश चंद्र कुलश्रेष्ठ व्यवस्था का जायजा लेते रहे। सीओपी कार्ड साथ न लाने वाले मतदाताओं को बिना मतदान बैरंग ही लौटना पड़ा।
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सीसीटीवी कैमरे से निगरानी
मतदान में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी किसी भी बूथ पर न हो सके इसके लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। हर बूथ पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ ही प्रवेश व निकास द्वारों पर भी सीसी कैमरे लगाए गए। बुजुर्ग मतदाताओं को कचहरी से मतदान स्थल डीएवी डिग्री कॉलेज तक पहुंचाने और मतदान के बाद वापस कचहरी तक ले जाने के लिए ई-रिक्शा भी लगाए गए थे। मतदाताओं के निकास के लिए डीएवी इंटर कॉलेज के पास स्थित पार्किंग से बाहर निकलने के लिए विशेष निकास द्वार बनाया गया था जहां से अधिवक्ता निकलकर मधुवन तिराहे से होते हुए कचहरी लौट रहे थे।
जाम में फंसी एंबुलेंस को दूसरे रास्ते से भेजा
चुनाव के कारण यातायात में परिवर्तन किया गया था। इसके चलते कचहरी और डीएवी डिग्री कॉलेज की आसपास की सड़कों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। वाहन रेंगते रहे। स्कूल छूटने पर बच्चों को भी इस जाम से जूझना पड़ा। इसी बीच एक एंबुलेंस भी मतदान स्थल के पास तक पहुंच गई। जाम के कारण अधिवक्ताओं ने उसे वापस लौटाकर दूसरे रास्ते से भिजवाया।
भीड़ देख लौटे मतदाता
दोपहर लगभग तीन बजे भीड़ अचानक बढ़ गई। प्रत्याशी और उनके समर्थक वोट मांगने के लिए डटे हुए थे। इसके कारण आपाधापी का माहौल बन रहा था। लाइन लंबी होती जा रही थी। धूप भी कड़ी थी। मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं थी। इसे देखकर कुछ बुजुर्ग मतदाता बिना मतदान किए ही लौट गए। कुछ अधिवक्ता गलत क्यूआर कोड स्लिप लेकर मतदान स्थल पहुंच गए उन्हें दोबारा स्लिप लाने को कहा गया। वह वोट नहीं डाल सके। वहीं, सुबह लगभग 10:30 बजे पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल खुद डीएवी डिग्री कॉलेज पहुंचे और एल्डर्स कमेटी के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एलआईयू भी सतर्क रही और पल-पल की जानकारी आला अधिकारियों को देती रही।
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डीएवी डिग्री कॉलेज में मंगलवार सुबह लगभग नौ बजे मतदाताओं के लिए मतदान शुरू हुआ। इसके पहले विभिन्न पदों पर खड़े प्रत्याशियों के सामने एल्डर्स कमेटी सदस्यों ने मतपेटियां दिखाकर उन्हें सील कराया। सेवानिवृत्त सैनिकों को मतपत्र देकर मतदान बूथों पर भेज दिया गया। मतदान के लिए 16 बूथ बनाए गए थे। बूथों के बाहर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों को क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए लगाया गया। क्यूआर कोड की स्क्रीनिंग के बाद ही मतदाताओं को प्रवेश दिया गया। इसके बाद सीओपी कार्ड देखकर मतपत्र मिल पाया।
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पूर्व सांसद राजाराम पाल, कोपेस्टेट चेयरमैन विजय कपूर भी वोट डालने पहुंचे। एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन उमाशंकर गुप्ता, ओमप्रकाश मिश्रा, श्रीकांत दीक्षित, महेंद्र सिंह चौहान, शिवशरण मिश्रा, सुशील कुमार वर्मा, आनंद सचान, अश्वनी आनंद, सतीश चंद्र कुलश्रेष्ठ व्यवस्था का जायजा लेते रहे। सीओपी कार्ड साथ न लाने वाले मतदाताओं को बिना मतदान बैरंग ही लौटना पड़ा।
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सीसीटीवी कैमरे से निगरानी
मतदान में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी किसी भी बूथ पर न हो सके इसके लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। हर बूथ पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ ही प्रवेश व निकास द्वारों पर भी सीसी कैमरे लगाए गए। बुजुर्ग मतदाताओं को कचहरी से मतदान स्थल डीएवी डिग्री कॉलेज तक पहुंचाने और मतदान के बाद वापस कचहरी तक ले जाने के लिए ई-रिक्शा भी लगाए गए थे। मतदाताओं के निकास के लिए डीएवी इंटर कॉलेज के पास स्थित पार्किंग से बाहर निकलने के लिए विशेष निकास द्वार बनाया गया था जहां से अधिवक्ता निकलकर मधुवन तिराहे से होते हुए कचहरी लौट रहे थे।
जाम में फंसी एंबुलेंस को दूसरे रास्ते से भेजा
चुनाव के कारण यातायात में परिवर्तन किया गया था। इसके चलते कचहरी और डीएवी डिग्री कॉलेज की आसपास की सड़कों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। वाहन रेंगते रहे। स्कूल छूटने पर बच्चों को भी इस जाम से जूझना पड़ा। इसी बीच एक एंबुलेंस भी मतदान स्थल के पास तक पहुंच गई। जाम के कारण अधिवक्ताओं ने उसे वापस लौटाकर दूसरे रास्ते से भिजवाया।
भीड़ देख लौटे मतदाता
दोपहर लगभग तीन बजे भीड़ अचानक बढ़ गई। प्रत्याशी और उनके समर्थक वोट मांगने के लिए डटे हुए थे। इसके कारण आपाधापी का माहौल बन रहा था। लाइन लंबी होती जा रही थी। धूप भी कड़ी थी। मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं थी। इसे देखकर कुछ बुजुर्ग मतदाता बिना मतदान किए ही लौट गए। कुछ अधिवक्ता गलत क्यूआर कोड स्लिप लेकर मतदान स्थल पहुंच गए उन्हें दोबारा स्लिप लाने को कहा गया। वह वोट नहीं डाल सके। वहीं, सुबह लगभग 10:30 बजे पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल खुद डीएवी डिग्री कॉलेज पहुंचे और एल्डर्स कमेटी के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एलआईयू भी सतर्क रही और पल-पल की जानकारी आला अधिकारियों को देती रही।