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शहीद की पत्नी ने शिक्षा या राजस्व विभाग में नौकरी की इच्छा जताई
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डेरापुर(कानपुर देहात)। पुलवामा हमले में शहीद श्यामबाबू के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिए जाने को लेकर सीआरपीएफ ने सहमति पत्र मांगा है। बुधवार को शहीद के भाई ने उनकी पत्नी रूबी को नौकरी देने के लिए अपना सहमति पत्र एसओ को सौंपा। शहीद की पत्नी ने प्रदेश के शिक्षा या राजस्व विभाग में नौकरी करने की इच्छा जताई है।
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ की 115 बटालियन में तैनात डेरापुर के रैगवां निवासी श्यामबाबू आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। बुधवार को शहीद के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की कवायद शुरू की गई है। सीआरपीएफ ने एसपी को पत्र भेजकर परिवार के सदस्यों का सहमति पत्र मांगा था। जिस पर शहीद जवान के भाई कमलेश ने श्यामबाबू की पत्नी रूबी को नौकरी देने के लिए सक्षम अधिकारी के नाम शपथ पत्र दिया है। शपथ पत्र एसओ को सौंपा गया है। इसके बाद सीओ के माध्यम से एसपी को भेजा गया।
शहीद श्यामबाबू का पुत्र आयुष (4) वर्ष का है जबकि पुत्री आरुषि (5) माह की है। इस कारण पत्नी या भाई को नौकरी मिल सकती है। शहीद की पत्नी स्नातक हैं। पिता राम प्रसाद और भाई कमलेश ने बताया कि भाभी रूबी को नौकरी देने के लिए वह लोग सहमत हैं। थानाध्यक्ष रामबहादुर पाल ने बताया कि सक्षम अधिकारियों के नाम सहमति पत्र लेकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। अभी यह तय नहीं है कि शहीद की पत्नी को नौकरी किस विभाग में दी जाएगी।
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जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ की 115 बटालियन में तैनात डेरापुर के रैगवां निवासी श्यामबाबू आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। बुधवार को शहीद के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की कवायद शुरू की गई है। सीआरपीएफ ने एसपी को पत्र भेजकर परिवार के सदस्यों का सहमति पत्र मांगा था। जिस पर शहीद जवान के भाई कमलेश ने श्यामबाबू की पत्नी रूबी को नौकरी देने के लिए सक्षम अधिकारी के नाम शपथ पत्र दिया है। शपथ पत्र एसओ को सौंपा गया है। इसके बाद सीओ के माध्यम से एसपी को भेजा गया।
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शहीद श्यामबाबू का पुत्र आयुष (4) वर्ष का है जबकि पुत्री आरुषि (5) माह की है। इस कारण पत्नी या भाई को नौकरी मिल सकती है। शहीद की पत्नी स्नातक हैं। पिता राम प्रसाद और भाई कमलेश ने बताया कि भाभी रूबी को नौकरी देने के लिए वह लोग सहमत हैं। थानाध्यक्ष रामबहादुर पाल ने बताया कि सक्षम अधिकारियों के नाम सहमति पत्र लेकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। अभी यह तय नहीं है कि शहीद की पत्नी को नौकरी किस विभाग में दी जाएगी।
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