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आरोपी को ही बना दिया जांच अधिकारी
Updated Mon, 08 Oct 2018 12:33 AM IST
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कानपुर देहात। अपात्रों को आवास आवंटन करने के मामले में ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने बीडीओ को जांच के निर्देश दिए थे। लेकिन बीडीओ ने आरोपित अधिकारी को ही जांच अधिकारी बना दिया। वीडीओ ने अपात्रों को आवास आवंटन न होने की रिपोर्ट लगा क्लीन चिट दे दी।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेरापुर ब्लाक के बहिरीउमरी ग्राम पंचायत के मजरे हरवंशपुर में ग्राम विकास अधिकारी व प्रधान की मिलीभगत से अपात्रों को आवास आवंटन कर लाभांवित किया जा रहा था। गत 16 सितंबर को अमर उजाला ने पात्रों को नहीं मिल रहा पीएम आवास योजना का लाभ, अपात्र खा रहे मलाई शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिलाधिकारी ने संबंधित खबर को संज्ञान में लेकर बीडीओ डेरापुर को जांच कराने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन बीडीओ ने आरोपित ग्राम विकास अधिकारी को मामले की जांच सौंप दी। वीडीओ प्रदीप कुमार ने अपात्रों को आवास आवंटन ना होने की रिपोर्ट लगा स्वयं ही क्लीन चिट दे दी।
साथ ही अपात्र अनीता पत्नी मनोज जिसके पास चार पहिया गाड़ी सहित अन्य संसाधन हैं, उससे जांच अधिकारी नेे हलफनामा लेकर उसे बचाव की राह स्वयं ही दिखाई है। जांच रिपोर्ट में वीडीओ प्रदीप सिंह ने बताया कि आवास योजना के लाभार्थी ने चार पहिया गाड़ी अपनी बहन को शादी में देने के लिए खरीदी है। ग्रामीणों की माने तो अब तक विभाग का कोई अधिकारी जांच करने गांव नहीं पहुंचा है। ग्रामीण सुरेश सिंह, कप्तान सिंह, वकील सिंह, शिवनरेश सिंह, गौरा देवी, श्याम बिहारी सहित करीब एक दर्जन लोगों ने बताया कि ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को लाभ पहुंचा रहे हैं। वहीं ज्ञानेंद्र मिश्रा, बीडीओ डेरापुर ने कहा कि डेरापुर ब्लाक में अभी एडीओ की तैनाती नहीं हैं, जिस कारण वीडीओ प्रदीप कुमार से जांच कराई गई है। दूसरी ओर महेंद्र कुमार राय, सीडीओ ने कहा कि जिस अधिकारी के खिलाफ जांच होनी है उसे जांच अधिकारी नहीं बनाया जा सकता है, मामले को लेकर बीडीओ से संज्ञान लेंगे।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेरापुर ब्लाक के बहिरीउमरी ग्राम पंचायत के मजरे हरवंशपुर में ग्राम विकास अधिकारी व प्रधान की मिलीभगत से अपात्रों को आवास आवंटन कर लाभांवित किया जा रहा था। गत 16 सितंबर को अमर उजाला ने पात्रों को नहीं मिल रहा पीएम आवास योजना का लाभ, अपात्र खा रहे मलाई शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिलाधिकारी ने संबंधित खबर को संज्ञान में लेकर बीडीओ डेरापुर को जांच कराने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन बीडीओ ने आरोपित ग्राम विकास अधिकारी को मामले की जांच सौंप दी। वीडीओ प्रदीप कुमार ने अपात्रों को आवास आवंटन ना होने की रिपोर्ट लगा स्वयं ही क्लीन चिट दे दी।
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साथ ही अपात्र अनीता पत्नी मनोज जिसके पास चार पहिया गाड़ी सहित अन्य संसाधन हैं, उससे जांच अधिकारी नेे हलफनामा लेकर उसे बचाव की राह स्वयं ही दिखाई है। जांच रिपोर्ट में वीडीओ प्रदीप सिंह ने बताया कि आवास योजना के लाभार्थी ने चार पहिया गाड़ी अपनी बहन को शादी में देने के लिए खरीदी है। ग्रामीणों की माने तो अब तक विभाग का कोई अधिकारी जांच करने गांव नहीं पहुंचा है। ग्रामीण सुरेश सिंह, कप्तान सिंह, वकील सिंह, शिवनरेश सिंह, गौरा देवी, श्याम बिहारी सहित करीब एक दर्जन लोगों ने बताया कि ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को लाभ पहुंचा रहे हैं। वहीं ज्ञानेंद्र मिश्रा, बीडीओ डेरापुर ने कहा कि डेरापुर ब्लाक में अभी एडीओ की तैनाती नहीं हैं, जिस कारण वीडीओ प्रदीप कुमार से जांच कराई गई है। दूसरी ओर महेंद्र कुमार राय, सीडीओ ने कहा कि जिस अधिकारी के खिलाफ जांच होनी है उसे जांच अधिकारी नहीं बनाया जा सकता है, मामले को लेकर बीडीओ से संज्ञान लेंगे।
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