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छात्रवृत्ति में खेल पर 64 मदरसे कार्रवाई के घेरे में, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने कसा शिकंजा
Sat, 07 Mar 2020 07:54 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 07 Mar 2020 07:54 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद में संचालित मदरसों में छात्रवृत्ति का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। इस वर्ष हुई मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्रों के शामिल न होने से ये प्रमाणित भी हो गया। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इस खेल को रोकने व मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को कमर कस ली है।
छात्रवृत्ति में खेल करने वाले 64 मदरसे चिह्नित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने इनमें संसाधन व छात्र संख्या का सत्यापन कराने को टीमें गठित कर दी हैं। जनपद में 153 मदरसे संचालित हैं। मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षा में कुल 3213 छात्र पंजीकृत थे। पहली पाली में 2159 व दूसरी पाली में 1054 छात्रों को परीक्षा में शामिल होना था।
25 फरवरी से पांच मार्च तक चली परीक्षा में लगातार छात्र संख्या घटती गई। पहली पाली में मात्र 888 छात्रों ने पेपर दिया, जबकि 1271 ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं दूसरी पाली में करीब 175 छात्र गैरहाजिर रहे। इन पंजीकृत छात्रों के खातों में पहले ही छात्रवृत्ति पहुंच चुकी है। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के परीक्षा से गायब होने से मदरसे संदेह के घेरे में आ गए।
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छात्रवृत्ति में खेल करने वाले 64 मदरसे चिह्नित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने इनमें संसाधन व छात्र संख्या का सत्यापन कराने को टीमें गठित कर दी हैं। जनपद में 153 मदरसे संचालित हैं। मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षा में कुल 3213 छात्र पंजीकृत थे। पहली पाली में 2159 व दूसरी पाली में 1054 छात्रों को परीक्षा में शामिल होना था।
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25 फरवरी से पांच मार्च तक चली परीक्षा में लगातार छात्र संख्या घटती गई। पहली पाली में मात्र 888 छात्रों ने पेपर दिया, जबकि 1271 ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं दूसरी पाली में करीब 175 छात्र गैरहाजिर रहे। इन पंजीकृत छात्रों के खातों में पहले ही छात्रवृत्ति पहुंच चुकी है। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के परीक्षा से गायब होने से मदरसे संदेह के घेरे में आ गए।
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बिना पढ़ाई के फर्जी पंजीकरण कर छात्रवृत्ति में खेल करने वाले 64 मदरसे चिह्नित कर लिए गए। इनमें शहर के तीन, कायमगंज व कंपिल 6, नवाबगंज व शमसाबाद के एक-एक, जबकि शेष सभी मदरसे ब्लाक कमालगंज क्षेत्र के शामिल हैं। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने 64 मदरसों की जांच व सत्यापन के लिए संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व लेखपालों की ड्यूटी लगा दी है।
वे मदरसों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां उपलब्ध संसाधन, भवन, स्टाफ, छात्र संख्या, संचालन होने की स्थिति का फोटो सहित विवरण एकत्र कर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में उपलब्ध कराएंगे। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राजेश बघेल ने बताया कि मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारी जाएगी।
सत्यापन के बाद छात्रवृत्ति के लिए संचालित होने वाले मदरसों की रिपोर्ट मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ भेजी जाएगी। इससे नया सत्र शुरू होने से पहले ही फर्जीवाड़ा करने वाले मदरसों की मान्यता रद्द कराने की कार्रवाई की जा सके।
वे मदरसों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां उपलब्ध संसाधन, भवन, स्टाफ, छात्र संख्या, संचालन होने की स्थिति का फोटो सहित विवरण एकत्र कर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में उपलब्ध कराएंगे। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राजेश बघेल ने बताया कि मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारी जाएगी।
सत्यापन के बाद छात्रवृत्ति के लिए संचालित होने वाले मदरसों की रिपोर्ट मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ भेजी जाएगी। इससे नया सत्र शुरू होने से पहले ही फर्जीवाड़ा करने वाले मदरसों की मान्यता रद्द कराने की कार्रवाई की जा सके।