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कार्तिक पूर्णिमा पर आज से शुरू हो रहे मेले
Updated Fri, 23 Nov 2018 01:27 AM IST
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घाटमपुर (कानपुर)। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर तहसील क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों में लगने वाले मेलों की तैयारियां जोरशोर से जारी हैं। कसबा स्थित कूष्मांडा देवी मंदिर परिसर में देर शाम तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। परिसर में दुकानें सजने के साथ ही रहट और झूले भी लग गए हैं।
कूष्मांडा देवी मंदिर परिसर में कार्तिक पूर्णिमा के दिन सिर्फ एक दिवसीय मेला लगता है। गुरुवार को मेला परिसर में दुकानें सज रही थीं। जबकि, सर्कस, रहट और झूले भी लगाए जा रहे थे। मेले की व्यवस्था नगर पालिका प्रशासन देखता है। पालिका की अधिशाषी अधिकारी नीलम चौधरी ने बताया कि बीते वर्ष मेले में हवाई झूले की ट्राली टूट जाने से बड़ा हादसा होते बचा था। इस बार मेला परिसर पर हवाई झूले लगाने पर प्रतिबंध किया गया है। वहीं, परिसर में बच्चों के लिए छोटे झूले और अन्य मनोरंजन के साधन लगाए गए हैं।
इधर, पतारा क्षेत्र के धरमपुर बंबा के पास नगेली देवी मंदिर परिसर में लगने वाला सात दिवसीय मेला दो दिन बाद शुरू होगा। मेला प्रबंध कमेटी से जुड़े हरिशंकर मिश्रा, दुर्गाचरण बाजपेई और गिरजाशंकर मिश्रा ने बताया कि नगेली देवी मंदिर परिसर में कार्तिक पूर्णिमा के दूसरे दिन से मेला शुरू होता है। जिसमें पहले दिन परिसर में दुकानें सजाने में ही निकल जाता है। बताया कि मेले में पुलिस प्रशासन और कमेटी के लोग मिलकर व्यवस्था करते हैं। बताया कि नगेली देवी का मेला करीब 90 वर्ष पुराना है।
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कूष्मांडा देवी मंदिर परिसर में कार्तिक पूर्णिमा के दिन सिर्फ एक दिवसीय मेला लगता है। गुरुवार को मेला परिसर में दुकानें सज रही थीं। जबकि, सर्कस, रहट और झूले भी लगाए जा रहे थे। मेले की व्यवस्था नगर पालिका प्रशासन देखता है। पालिका की अधिशाषी अधिकारी नीलम चौधरी ने बताया कि बीते वर्ष मेले में हवाई झूले की ट्राली टूट जाने से बड़ा हादसा होते बचा था। इस बार मेला परिसर पर हवाई झूले लगाने पर प्रतिबंध किया गया है। वहीं, परिसर में बच्चों के लिए छोटे झूले और अन्य मनोरंजन के साधन लगाए गए हैं।
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इधर, पतारा क्षेत्र के धरमपुर बंबा के पास नगेली देवी मंदिर परिसर में लगने वाला सात दिवसीय मेला दो दिन बाद शुरू होगा। मेला प्रबंध कमेटी से जुड़े हरिशंकर मिश्रा, दुर्गाचरण बाजपेई और गिरजाशंकर मिश्रा ने बताया कि नगेली देवी मंदिर परिसर में कार्तिक पूर्णिमा के दूसरे दिन से मेला शुरू होता है। जिसमें पहले दिन परिसर में दुकानें सजाने में ही निकल जाता है। बताया कि मेले में पुलिस प्रशासन और कमेटी के लोग मिलकर व्यवस्था करते हैं। बताया कि नगेली देवी का मेला करीब 90 वर्ष पुराना है।
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