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दिवाली पर बिगड़ी उन्नाव की आबो हवा
Updated Sat, 10 Nov 2018 12:26 AM IST
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वायु
उन्नाव। दिवाली के पर्व पर शहर की आबो हवा कुछ ज्यादा ही जहरीली हो गई। आतिशबाजी के धुएं ने वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ाने में और ज्यादा मदद की। जिससे शहरियों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। बिगड़ती आबो हवा की वजह से छात्रा समेत चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी छुट्टी कर दी। वहीं, शुक्लागंज के बेहटा देवारा निवासी रामकृष्ण अवस्थी (85) व शुक्लागंज नगर निवासी श्यामकली शुक्ला (80) की गुरुवार रात जिला अस्पताल में मौत हो गई। पेट दर्द व सांस लेने में तकलीफ होने पर परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था।
शहर के एबी नगर निवासी कोमल (19) पुत्री रामशंकर की बुधवार रात अचानक तबियत बिगड़ गई। सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने पटाखों के धुएं से हालत बिगड़ने की पुष्टि की। इसी तरह अकरमपुर निवासी हरिशंकर (32), तालिबसरांय निवासी मुन्ना (26) व जगन्नाथगंज निवासी उमाकांती (78) को भी सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सक डा. शोभित अगिभनहोत्री ने बताया कि पटाखों का धुआं सेहत के लिए हानिकारक होता है। धुएं से श्वास नली में सूजन तक आ जाती है। जिन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा वह धुएं की वजह से ही बीमार पड़े। सभी को कुछ दिनों तक मास्क लगाने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल की ओपीडी शुरू होेने के बाद ऐसे मरीजों की संख्या और बढ़ेगी।
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उन्नाव। दिवाली के पर्व पर शहर की आबो हवा कुछ ज्यादा ही जहरीली हो गई। आतिशबाजी के धुएं ने वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ाने में और ज्यादा मदद की। जिससे शहरियों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। बिगड़ती आबो हवा की वजह से छात्रा समेत चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी छुट्टी कर दी। वहीं, शुक्लागंज के बेहटा देवारा निवासी रामकृष्ण अवस्थी (85) व शुक्लागंज नगर निवासी श्यामकली शुक्ला (80) की गुरुवार रात जिला अस्पताल में मौत हो गई। पेट दर्द व सांस लेने में तकलीफ होने पर परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था।
शहर के एबी नगर निवासी कोमल (19) पुत्री रामशंकर की बुधवार रात अचानक तबियत बिगड़ गई। सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने पटाखों के धुएं से हालत बिगड़ने की पुष्टि की। इसी तरह अकरमपुर निवासी हरिशंकर (32), तालिबसरांय निवासी मुन्ना (26) व जगन्नाथगंज निवासी उमाकांती (78) को भी सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सक डा. शोभित अगिभनहोत्री ने बताया कि पटाखों का धुआं सेहत के लिए हानिकारक होता है। धुएं से श्वास नली में सूजन तक आ जाती है। जिन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा वह धुएं की वजह से ही बीमार पड़े। सभी को कुछ दिनों तक मास्क लगाने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल की ओपीडी शुरू होेने के बाद ऐसे मरीजों की संख्या और बढ़ेगी।
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