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नकली नोट मामले में बैंक मैनेजर पर रिपोर्ट
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। नकली नोट जमा करने में मुख्यालय स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा फिर कार्रवाई के घेरे में आ गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दावा अनुभाग ने मुख्य प्रबंधक के विरुद्ध आईपीसी की धाराओं के तहत शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। बांदा स्टेट बैंक पर जाली नोट लेने के मामले में छह माह के अंदर दूसरी एफआईआर है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई), कानपुर के दावा अनुभाग (निर्गम विभाग) में प्रबंधक सत्य कुमार ने बांदा शहर कोतवाली में दर्ज कराई एफआईआर में बताया है कि भारतीय रिजर्व बैंक में अन्य बैंकों की करेंसी चेस्ट शाखाओं से प्राप्त होती है। इसमें काफी नोट जाली मिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बांदा स्टेट बैंक की मुख्य शाखा ने मार्च 2018 में करेंसी भेजी थी। इसमें दो हजार का एक और पांच-पांच सौ के दो नोट नकली हैं। इसका ब्योरा एनसीआरबी की साइट पर अपलोड कर दिया गया है। उनकी तहरीर पर बांदा शहर कोतवाली में स्टेट बैंक मुख्य शाखा प्रबंधक के विरुद्ध आईपीसी की धारा 489-ए से 489-ई में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसकी तफ्तीश शहर कोतवाली प्रभारी (द्वितीय) सीबी सिंह को सौंपी गई है।
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गौरतलब है कि इसके पूर्व बांदा स्टेट बैंक की मुख्य शाखा प्रबंधक के विरुद्ध कानपुर की चेस्ट ब्रांच ने 3 लाख 9 हजार रुपये की नकली करेंसी जमा करने पर दिसंबर 2018 में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसकी अभी जांच चल रही है। इस बाबत पुलिस अधीक्षक शालिनी ने बताया कि इसके पूर्व भी एसबीआई समेत कुछ बैंकों के विरुद्ध नकली करेंसी जमा करने की रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। सभी मामलों में जांच कराई जा रही है।
गलती कैशियर करते हैं रिपोर्ट प्रबंधक की होती है
बांदा। मुख्य शाखा के विरुद्ध नकली करेंसी की एफआईआर दर्ज किए जाने के मामले में यहां भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) आरके सिंह ने अनभिज्ञता जताई। दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें कुछ पता नहीं है।
उधर, स्टेट बैंक के मौजूदा मुख्य शाखा प्रबंधक आरपी सिंह का कहना था कि करे कोई, भरे कोई का मामला है। गलती कैशियर करते हैं और रिपोर्ट प्रबंधक पर होती है। यह भी कहा कि जाली नोट मामले में पूरे देश में एफआईआर हो रही है। बांदा में होना कोई महत्वपूर्ण नहीं है।
नकली नोट जमा करने पर बांदा एसबीआई के विरुद्ध रिपोर्ट
भारतीय रिजर्व बैंक कानपुर ने दर्ज कराई एफआईआर
इसी साल मार्च में एसबीआई ने जमा किए थे नकली नोट
छह माह में एसबीआई पर नकली नोट की दूसरी रिपोर्ट
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बांदा। नकली नोट जमा करने में मुख्यालय स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा फिर कार्रवाई के घेरे में आ गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दावा अनुभाग ने मुख्य प्रबंधक के विरुद्ध आईपीसी की धाराओं के तहत शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। बांदा स्टेट बैंक पर जाली नोट लेने के मामले में छह माह के अंदर दूसरी एफआईआर है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई), कानपुर के दावा अनुभाग (निर्गम विभाग) में प्रबंधक सत्य कुमार ने बांदा शहर कोतवाली में दर्ज कराई एफआईआर में बताया है कि भारतीय रिजर्व बैंक में अन्य बैंकों की करेंसी चेस्ट शाखाओं से प्राप्त होती है। इसमें काफी नोट जाली मिल रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि बांदा स्टेट बैंक की मुख्य शाखा ने मार्च 2018 में करेंसी भेजी थी। इसमें दो हजार का एक और पांच-पांच सौ के दो नोट नकली हैं। इसका ब्योरा एनसीआरबी की साइट पर अपलोड कर दिया गया है। उनकी तहरीर पर बांदा शहर कोतवाली में स्टेट बैंक मुख्य शाखा प्रबंधक के विरुद्ध आईपीसी की धारा 489-ए से 489-ई में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसकी तफ्तीश शहर कोतवाली प्रभारी (द्वितीय) सीबी सिंह को सौंपी गई है।
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गौरतलब है कि इसके पूर्व बांदा स्टेट बैंक की मुख्य शाखा प्रबंधक के विरुद्ध कानपुर की चेस्ट ब्रांच ने 3 लाख 9 हजार रुपये की नकली करेंसी जमा करने पर दिसंबर 2018 में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसकी अभी जांच चल रही है। इस बाबत पुलिस अधीक्षक शालिनी ने बताया कि इसके पूर्व भी एसबीआई समेत कुछ बैंकों के विरुद्ध नकली करेंसी जमा करने की रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। सभी मामलों में जांच कराई जा रही है।
गलती कैशियर करते हैं रिपोर्ट प्रबंधक की होती है
बांदा। मुख्य शाखा के विरुद्ध नकली करेंसी की एफआईआर दर्ज किए जाने के मामले में यहां भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) आरके सिंह ने अनभिज्ञता जताई। दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें कुछ पता नहीं है।
उधर, स्टेट बैंक के मौजूदा मुख्य शाखा प्रबंधक आरपी सिंह का कहना था कि करे कोई, भरे कोई का मामला है। गलती कैशियर करते हैं और रिपोर्ट प्रबंधक पर होती है। यह भी कहा कि जाली नोट मामले में पूरे देश में एफआईआर हो रही है। बांदा में होना कोई महत्वपूर्ण नहीं है।
नकली नोट जमा करने पर बांदा एसबीआई के विरुद्ध रिपोर्ट
भारतीय रिजर्व बैंक कानपुर ने दर्ज कराई एफआईआर
इसी साल मार्च में एसबीआई ने जमा किए थे नकली नोट
छह माह में एसबीआई पर नकली नोट की दूसरी रिपोर्ट